अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर मोदी सरकार को मुहर – पक्ष में 325 तो विपक्ष में केवल 126 वोट पड़े

नई दिल्ली: मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष के पहला अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है. प्रस्ताव पर दिनभर हुई चर्चा के बाद इसपर वोटिंग कराई गई. प्रस्ताव के पक्ष में 126 वोट पड़े जबकि उसके विरोध में 325 वोट पड़े. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष द्ववारा उठाए गए सभी सवालों का चुन-चुन कर जवाब दिया. 

पीएम मोदी ने कहा कि आज देश ने विपक्ष की नकारात्मकता देखी है। यह कैसी नकारात्मकता है, कैसा विरोध का भाव है, न बहुमत, न नंबर फिर भी अविश्वास प्रस्ताव आया। राहुल गांधी के गले मिलने पर तंज करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बिना चर्चा-बिना वोटिंग मुझे उठने को कहा गया लेकिन यहां से उठाने और बैठाने का अधिकार जनता को है। जो कहते थे कि हम खड़े होंगे तो वो खड़े नहीं हो पाएंगे लेकिन आज मैं खड़ा भी हूं और 4 साल के काम पर अड़ा भी हूं। उन्होंने कहा कि यह सरकार का फ्लोर टेस्ट नहीं बल्कि विपक्ष का फ्लोर टेस्ट है। विपक्ष अपने कुनबे को बिखेरने से रोकना चाहता है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को अपने साथियों की परीक्षा लेनी है तो कम से कम सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव तो न लाईए। हम यहां सवा सौ करोड़ देशवासियों के आशीर्वाद से आए हैं।

पीएम मोदी के अभिभाषण के दौरान विपक्ष का हंगामा जारी है। उन्होंने पिछले चार सालों में किए गए विकास कार्यों को सदन के समक्ष प्रस्तुत किया। पीएम ने बेटी-बढ़ाओ, बेटी पढ़ाओ, विद्युतीकरण योजना, यूरिया में नीम कोटिंग, एमएसपी बढ़ाने, जनधन खाता, और ऑनलाइन सेवाओं का विशेष उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया, जीएसटी से भारतीय इकोनामी को फायदा हो रहा है। भारत छठवें नंबर की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। हम 5 बिलियन की इकोनामी बनने की दिशा में बढ़ रहे हैं। काले धन के  खिलाफ हमारी लड़ाई रुकने वाली नहीं है।

उन्होंने कहा कि हमने टेक्नोलॉजी के उपयोग से भ्रष्टाचार को कम किया। हम शेल कंपनियों के खिलाफ काम कर रहे हैं। 
बेनामी संपत्ति कानून को लेकर विपक्ष पर तंज करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वो कौन लोग थे जो इस कानून का विरोध कर रहे थे। अंतरराष्ट्रीय जगत में भारत के बढ़ते गौरव पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को अपने पर विश्वास नहीं है इसलिए वह ईवीएम, चुनाव आयोग, योग दिवस, स्वच्छ भारत अभियान किसी पर विश्वास नहीं करते हैं। उन्होंने डोकलाम पर बोलत हुए कहा कि जिस बात की जानकारी न हो उस पर बोलने से पहले उसे समझना चाहिए। पीएम ने कहा कि जब सारा देश डोकलाम को लेकर एक थी तब विपक्ष के लोग उनके साथ बैठे थे। कोई कहता था कि वो चीनी राजदूत से मिले कोई कहता था कि नहीं मिले। लेकिन, चीनी राजदूत की तरफ से आए प्रेस रिलीज से यह बात साफ हो गई की इनकी मुलाकात हुई थी।

राफेल डील पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह बचकानी हरकत है। हम देश की सुरक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ कब तक करते रहेंगे। विपक्ष के बयान पर भारत और फ्रांस दोनों को बयान जारी करना पड़ा। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर हमें राजनीति करने से बचा जाए।
पीएम मोदी ने सेनाध्यक्ष पर की गई टिप्पणी पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक को जुमला स्ट्राइक करने पर देश कभी मांफ नहीं करेगा। वर्ष 1999 में कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर भी पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला किया। उन्होंने कहा कि तब बोला गया कि हमारे पास बहुमत है और अविश्वास प्रस्ताव लाकर अटल जी की सरकार को 1 वोट से गिरा दिया लेकिन ये बाद में बहुमत सिद्ध नहीं कर सके और देश में फिर चुनाव हुए।

राहुल का पीएम को इस तरह से गले लगाना सही नहीं: सुमित्रा महाजन
इसपर लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने सदन में कहा कि, “राहुल गांधी का पीएम मोदी को इस तरह से गले लगाना सही नहीं है। वो इस वक्त देश के प्रधानमंत्री हैं, न की नरेंद्र मोदी। मैं गले लगाने के खिलाफ नहीं हूं। मैं भी एक मां हूं और जानती हूं कि भावनाएं क्या होती हैं। राहुल गांधी का आंख चमकाना भी सदन की गरिमा के लिहाज से सही नहीं है। मैं चाहती हूं कि सब लोग प्रेम से रहें। राहुल भी मेरे बेटे जैसे हैं।”

मुलायम सिंह ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
मुलायम ने कहा कि यूपी में बीजेपी के लोग ही रो रहे हैं, “अकेले में आपको नाम भी गिना सकता हूं। उन्होंने कहा कि हम तो चलो विपक्ष में हैं, लेकिन योगी सरकार अपनी पार्टी के लोगों की ही नहीं सुन रही है। वहीं सीपीएम सांसद मोहम्मद सलीम ने भी सरकार पर आरोपों की बौछार कर दी। सलीम ने कहा कि,” सरकार कहती है 70 साल में जो नहीं हुआ वो हमने कर दिखाया। लेकिन दूसरी ओर 70 साल में देश बर्बाद हुआ तो आपने 4 साल वही करके दिखा दिया। आप कांग्रेस के रास्ते पर ही चल रहे हो, सलीम ने कहा कि सरकार ने नोटबंदी के नाम पर सबसे बड़ी आर्थिक भूल की जिससे कुछ भी हासिल नहीं हुआ।”

अनावश्यक है अविश्वास प्रस्ताव: राजनाथ
मुलायम सिंह के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ बोलने आए। उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए इस अविश्वास प्रस्ताव को अनाश्वयक बताया। राजनाथ सिंह ने कहा कि, पीएम मोदी को देश का विश्वास हासिल है। अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले जनता का विश्वास नहीं पढ़ पाए। जब राजनाथ सिंह बोल रहे थे, उस वक्त हंगामा हो गया। इस वजह से सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी गई। राजनाथ ने कहा कि, संसद पर हमला करने वालों के खिलाफ सहानुभूति दिखाने वाले आज हिन्दू तालिबान और हिन्दू पाकिस्तान की बात बोलते हैं। विपक्षी दलों को भारत की परंपरा को समझना चाहिए। वहीं मॉब लिंचिंग पर बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि,” यह घटनाएं नहीं होनी चाहिए और कड़ाई से इस पर कार्रवाई हो। इसपर कानून की जरूरत हो तो वो भी बनाएंगे।”

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