कश्मीर में मोदी सरकार 4D नीति पर करेंगे अमल

एनआईए और ईडी ने मिलकर कई हुर्रियत नेताओं की लिस्ट बनाई है, जिसके बाद अब इनको पकड़ कर इनसे पूछताछ की जा सकती है।

जयपुर। जम्मू-कश्मीर में फिलहाल किसी की सरकार नहीं है। 19 जून को भाजपा ने महबूबा मुफ्ती की सरकार से समर्थन वापस ले लिया था और इसके फौरन बाद सीएम ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद राज्य में राष्ट्रपति की सिफारिश के बाद राज्यपाल शासन लगा दिया गया था।

राज्यपाल शासन लगने के बाद राज्य में केंद्र ने अपनी कई नीतियों मे बदलाव लाना शुरु कर दिया है। इसके तहत राज्य में पत्थराबाज युवकों पर रोक लगाने से लेकर सेना के द्वारा आतंकियों के खात्मे के लिए किये जाने वाले काम शामिल हैं।

पीडीपी से रिश्ता तोड़ते ही अब भाजपा की केंद्र सरकार ने हुर्रियत के नेताओं पर शिकंजा कसने की शुरुआत कर दी है। जब तक भाजपा पीडीपी के साथ थी तब तक पीडीपी ने राज्य की शांति व्यवस्था को बचाए रखने के लिए हुर्रियत नेताओं पर कार्रवाई को टाले रखा था। लेकिन अब अगर खबरों की मानें तो एनआईए राज्य के हुर्रियत नेताओं पर पाकिस्तान से फंडिंग के मामले पर नकेल कस सकती है।

एनआईए और ईडी ने मिलकर कई हुर्रियत नेताओं की लिस्ट बनाई है, जिसके बाद अब इनको पकड़ कर इनसे पूछताछ की जा सकती है। इन हुर्रियत नेताओं में बड़े बड़े नाम हैं, जिसमें हुर्रियत कांफ्रेंस के मीडिया विंग का प्रमुख आफताब अहमद शाह, हुर्रियत प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी के दामाद अल्ताफ अहमद शाह के जैसे नाम शामिल हैं।

क्या है 4D नीति

केंद्र सरकार अब इसके लिए 4D नीति पर काम करने वाली है। पहले 2D नीति के तहत काम किया जाता रहा था, जिसमें पहले D का मतलब था डिफेंड और दूसरे D का मतलब था डिस्ट्रॉय। लेकिन अब इसमें सरकार ने तीसरे D डिफीट और चौथे D यानि कि डीनाई को भी जोड़ दिया है।

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