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मानसून सत्र के बाद ही मोदी सरकार में होगा बड़ा बदलाव

नये राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव की साफ तस्वीर के बाद मोदी सरकार में बड़ा फेरबदल होने के प्रबल आसार हैं। इस क्रम में देश को जहां नया रक्षामंत्री मिलेगा वहीं मौजूदा कमजोर प्रर्दशन करने वाले कुछ मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाए जाने के आसार भी हैं। संसद के मानसून सत्र के बाद प्रधानमंत्री मोदी कभी भी मंत्रीमंडल में फेरबदल को सिरे चढ़ा सकते हैं।

सियासी हलकों में माना जा रहा है कि पीएम मोदी के मन्त्रिमंडल में होने वाले बदलाव 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले संभवत यह आखिरी फेरबदल होगा।
बता दें कि कैबिनेट में इस समय कई मंत्रियों की जगह खाली हो चुकी है। जिससे सबसे अहम रक्षामंत्रालय है। मनोहर पर्रिकर के गोवा का मुख्यमंत्री बनने के बाद रक्षा मंत्रालय प्रभार वित्तमंत्री अरूण जेटली संभाल रहें हैं। चीन की चुनौती और उससे जारी सीमा विवाद और पाकिस्तान के साथ भी लगातार जारी तनावपूर्ण स्थिति के बीच फूलटाइम रक्षामंत्री नहीं होने के कारण विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर कई बार सवाल उठाये है।

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वेकैंया नायडू के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनने के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और शहरी विकास जैसे महकमें को भी नये चेहरों से भरे जानें की उमींद की जा रही है। केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे के निधन के बाद इस महकमें को भी नये मंत्री का इंतजार है। इसके अलावा पीएम मोदी मंत्रियों को कामकाज के आधार पर भी कुछ चेहरों को बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं।

इस बात की प्रबल संभावना जताई जा रही है कि उत्तर प्रदेश में शामिल 10 मंत्रियों में से 2 से 3 मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। जबकि भाजपा के चुनावी राज्यों गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश से कुछ एक नये चेहरों को मंत्री बनाया जा सकता है।

मोदी सरकार के प्रस्तावित फेरबदल में मध्यप्रदेश में भी बड़ा बदलाव होने की सियासी अटकलें है। कहा जा रहा है कि किसानों के आऩ्दोलन से मध्यप्रदेश में बीजेपी की बड़ी चुनौती को देखते हुए पार्टी हाईकमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को हटाकर केन्द्र में बैठा सकती है। जबकि ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को यदि मध्यप्रदेश में बदलाव हुआ, तो शिवराज सिंह चौहान के उत्तराधिकारी के रूप में कुर्सी सौंप सकती हैं।

इस बदलाव में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को भी केंद्र की सियासत से हिमाचल प्रदेश की राजनीति में भेजे जाने की संभावना की जा रही है। हिमाचल प्रदेश में अगले साल की शुरूआत में ही लोकसभा चुनाव होने से और भाजपा नेतृत्व अपेक्षाकृत युवा जेपी नड्डा को मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में पेश करने को लेकर काफी गंभीर है। इसलिये भाजपा के सियासी गलियारे में मानसून सत्र के बाद सबकी निगाहें मोदी सरकार के फेरबदल पर टिकी हैं।

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