बच्चों को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार देते मोदी ने किया अभिवादन

दिल्ली की नितिशा को किया गया मरणोपरांत सम्मानित

नई दिल्ली: भारत में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की धूम रही। इस दिन कई जगहों पर देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। कई स्कूलों में गणतंत्र दिवस पर निबंध लिखने या फिर भाषण देने से संबंधित प्रतियोगिताएं की गई।

इसी कड़ी में दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में नन्हें बच्चों और उनके बहादुरी के कारनामों को सुनकर सभी आश्चर्य हो गए। जिन बच्चों को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिला वह नजारा सभी के लिए मंत्रमुग्ध कर देने वाला था।

अपनी जान जोखिम में डालकर अभूतपूर्व साहस और वीरता का प्रदर्शन कर दूसरों के प्राणों की रक्षा करने वाले 21 साहसी बच्चों को इस वर्ष राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार-2018 मिला है। देश के 12 राज्यों से चयनित इन बच्चों में आठ लड़कियां और 13 लड़के शामिल हैं। इनमें से दिल्ली की नितिशा को मरणोपरांत सम्मानित किया गया।

यह पुरस्कार पांच श्रेणियों में दिए जाते हैं| वे हैं भारत पुरस्कार, (1987 से), गीता चोपड़ा पुरस्कार, (1978 से), संजय चोपड़ा पुरस्कार, (1978 से), बापू गैधानी पुरस्कार, (1988 से) और सामान्य राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार, (1957 से)।

भारत पुरस्कार :

इस वर्ष जम्मू के दो बहादुर बच्चों नौ वर्षीय गुरूगु हिमाप्रिया और 14 साल के सौम्यादीप जना को उनके अलग-अलग साहसिक कार्यों के लिए प्रतिष्ठित भारत अवार्ड के लिए चुना गया। 10 फरवरी 2018 को संजुवान सैन्य शिविर पर हथियारबंद आतंकियों के हमले के दौरान इन बच्चों ने अपनी सुरक्षा की परवाह न करते हुए असाधारण शौर्य का परिचय देते हुए कई लोगों के प्राणों की रक्षा की थी।

गीता चोपड़ा पुरस्कार :

प्रतिष्ठित गीता चोपड़ा पुरस्कार दिल्ली की 15 साल नौ माह की नितिशा नेगी को मरणोपरान्त दिया गया। नितिशा अंडर-17 फुटबॉल टीम की खिलाड़ी थी। वह पेसिफिक स्कूल गेम्स में हिस्सा लेने आस्ट्रेलिया गई हुई थी। 10 दिसम्बर 2017 को एडिलेड बीच पर अचानक आई समुद्री लहर में डूबती अपनी सहेली को बचाने के प्रयास में होनहार खिलाड़ी ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दे दिया।

संजय चोपड़ा पुरस्कार :

संजय चोपड़ा अवार्ड गुजरात के साढ़े छह वर्षीय गोहिल जयराजसिंह को तेंदुए के हमले से अपने मित्र की वीरतापूर्वक जान बचाने के लिए दिया गया।

बापू गैधानी पुरस्कार :

राजस्थान की नौ वर्षीय अनिका जैमिनी, मेघालय की 13 वर्षीय कैमिलिया केथी खरबानार और ओडिशा के 15 वर्षीय सीतू मलिक को बापू गैधानी पुरस्कार दिया जाएगा। अनिका जैमिनी ने निर्भीकता पूर्वक बदमाश का सामना किया और अपने अदम्य साहस से स्वयं को अगवा होने से बचाया।

कैमिलिया केथी ने अप्रतिम साहस से अपनी जान को खतरे में डालकर मानसिक रूप से विक्षिप्त बड़े भाई को जलते हुए घर से बचाया। सीतू मलिक ने अपने अंकल को मगरमच्छ के हमले से बचाकर उत्कृष्ट वीरता एवं निर्भीकता का परिचय दिया।

सामान्य राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार :

इसके अलावा सामान्य वीरता पुरस्कार के लिए दिल्ली के मंदीप कुमार पाठक (13), ओडिशा की झीली बाग (8), बिस्वजीत पुहान (10) और रंजीता माझी (12), कर्नाटक के सीडी कृष्णा नायक (15), हिमाचल प्रदेश की मुस्कान (17) और सीमा (14), छत्तीसगढ़ के श्रीकांत गंजीर (10), रितिका साहू (13) और झगेन्द्र साहू (11), उत्तर प्रदेश के कुंवर दिव्यांश सिंह(13), मणिपुर के वाहेंगबम लमगांबा सिंह (13), केरल के शिगिल के (13) और अश्विन सजीव (10) को चुना गया ।

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