मोदी 6 घंटे में गांव के स्कूल से लेकर मंदिर में टेका माथा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय गुजरात दौरे का आखिरी दिन चुनावी अभियान से ज्यादा पुरानी यादों में खोने वाला रहा. मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद रविवार को पहली बार अपने गृहनगर वडनगर पहुंचे, जहां उनका बचपन बीता और जहां छुटपन में उन्होंने पिता की चाय की दुकान में हाथ भी बंटाया था.

प्रधानमंत्री की अगवानी में वडनगर दूल्हन की तरह सजा हुआ था और लोगों में गजब का उत्साह दिखा. प्रधानमंत्री भी लंबे समय के बाद अपने गृहनगर पहुंचकर भाव-विह्वल हो गए. प्रधानमंत्री के रविवार के दौरे में क्या नहीं रहा, मंदिर में पूजा-अर्चना, रोड शो, अपने स्कूल जाकर मिट्टी को माथे से लगाना और एक अत्याधुनिक अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण.

प्रधानमंत्री ने कहा, “जिस तरह से इस इलाके के लोगों ने खासकर वडनगर के लोगों ने मुझे प्यार दिया है. अपने प्यार से भिगो दिया है. मैं आज सर झुकाकर आपको नमन करता हूं, इस धरती को नमन करता हूं. सार्वजनिक जीवन में इतने वर्षों के बावजूद भी इतना प्यार, इतना दुलार ये अपने आप में हृदय को छूने वाली घटना है. आज मैं जो कुछ भी हूं इसी मिट्टी के संस्कारों के कारण हूं. इसी मिट्टी में खेला हूं, आप ही के बीच में पला बढ़ा हूं.

इस दौरान प्रधानमंत्री ने केंद्र में पिछली सरकारों पर निशाना भी साधा और कहा कि पिछली सरकारों को विकास से नफरत थी.

प्रधानमंत्री ने अंत्योदय एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी. अंत्योदय एक्सप्रेस गुजरात के उढ़ना से बिहार के जयनगर तक चलेगी. भरूच में भी प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित किया और कहा कि उनकी सरकार लंबे रूट की रेल सेवाओं पर जोर दे रही है. एकबार फिर अपने प्रेरणा पुरुष दीनदयाल उपाध्याय का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह उनके सपनों को साकार करेंगे. इसके अलावा उन्होंने गुजरात में नौकरी की तलाश में रह रहे बिहार वासियों को भी संबोधित किया.

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