देश की सेना और शहीदों के सम्मान से भी बड़ी मोदी के लिए सत्ता की लालसा : कांग्रेस

सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर करारा हमला करते हुए यह दावा किया

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर करारा हमला करते हुए यह दावा करते हुए कहा कि उनके लिए सत्ता की लालसा देश की सेना और शहीदों के सम्मान से भी बड़ी है.

राजधर्म बुलाकर राज बचाने की जुगत में लगे मोदी

मोदी जी राजधर्म बुलाकर राज बचाने की जुगत में लगे हैं. शहीदों और शहादत के अपमान का जो उदाहरण मोदी जी ने पेश किया वैसा कोई उदाहरण पूरी दुनिया में नहीं है. जब पूरा देश पुलवामा में हमारे शहीदों की शहादत के सदमे से जूझ रहा था तब पीएम मोदी जी रामनगर नैनीताल में कार्बेट नेशनल पार्क में अपने प्रचार वाली फिल्म की शूटिंग कर रहे थे

3 बजकर 10 मिनट पर हुआ आतंकी हमला

सुरजेवाला ने कहा, ”स्तब्ध करने वाली बात ये है कि शहादत के अपमान का जो उदाहरण नरेंद्र मोदी ने पुलवामा के हमले के बाद पेश किया, ऐसा कोई उदाहरण पूरी दुनिया में नहीं है. 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में 3 बजकर 10 मिनट पर आतंकी हमला हुआ,

पूरा देश इस सदमे से जूझ रहा था और देश के प्रधानमंत्री रामनगर नैनिताल के अंदर फिल्म की शूटिंग कर रहे थे. यही नहीं मोदी जी डिस्कवरी चैनल के मुखिया व उनके कैमरा क्रू के साथ अपने प्रचार प्रसार में व्यस्त थे और बोट में घड़ियालों को निहार रहे थे.”

6 बजकर 45 मिनट तक शूटिंग करते हैं प्रधानमंत्री

सुरजेवाला ने कहा, ”मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 3 बजकर 10 मिनट पर हमला हुआ, प्रधानमंत्री 6 बजकर 45 मिनट तक शूटिंग करते हैं, नौका विहार करते हैं. क्या दुनिया में ऐसा कोई प्रधानमंत्री है? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 6 बजकर 40 मिनट पर उनका काफिला धनगड़ी गेट से बाहर काफिला निकला. जैसे ही काफिला निकला, वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे लगाए. प्रधानमंत्री ने सभी का अभिवादन किया. देश शहीदों के टुकड़े चुन रहा था लेकिन प्रधानमंत्री अपने नारे सुन रहे थे.”

सुरजेवाला ने कहा, ”मीडिया रिपोर्ट्स में लिखा है कि प्रधानमंत्री पीडबल्यूडी के गेस्ट हाउस गए और चाय नाश्ते का आनंद लिया. जब पूरे देश के चूल्हे बंद थे तब प्रधानमंत्री शाम को सात बजकर सात मिनट पर चाय नाश्ते का आनंद ले रहे थे. ये उनकी सच्चाई है जो वो बता नहीं रहे. इससे अमानवीय काम कुछ हो नहीं सकता.”

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, ”नोटबंदी से आतंकी हमले बंद क्यों नहीं हुए, जैसा कि मोदी जी आपने देश से कहा था? एक तरफ हम शहीदों के टुकड़े चुन रहे थे और दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी जी अपने प्रचार वाली फिल्म की शूटिंग कर चाय-नाश्ता उड़ाते रहे. क्या ये है भाजपाई राष्ट्रवाद? पूरे देश के चूल्हे बंद थे, तब उनके गले से चाय-पकौड़े नीचे उतरे कैसे होंगे?”

सत्ता की भूख में इंसानियत भूली बीजेपी

सुरजेवाला ने कहा, ”सत्ता की भूख में मोदी सरकार इंसानियत और शहादत को पीछे छोड़ आई है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ भड़काऊ बयान देकर सस्ती राजनीति का खेल खेला. 17 फरवरी को एक रैली में अमित शाह ने कहा कि पुलवामा के शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा क्योंकि केंद्र में कांग्रेस का नहीं बीजेपी की सरकार है. अमित शाह शायद भूल गए कि पाकिस्तान को हर बार धूल चटाने का काम कांग्रेस ने किया.”

राष्ट्रीय शोक क्यों नहीं? शहीदों के ताबूतों को इंतजार करवाया

सुरजेवाला ने कहा, ”इस भयावह पुलवामा हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा नहीं की. सरकारी खजाने की के खर्च से की जाने वाली प्रधानमंत्री की उद्घाटन करने वाली राजनीतिक सभाएं कहीं रुक ना जाएं, इसलिए नहीं की गईं.

16 फरवरी 2019 को शहीदों के ताबूत दिल्ली एयरपोर्ट पर थे लेकिन प्रधानमंत्री जी झांसी से एक घंटा लेट पहुंचे, क्योंकि वे राजनीति करने में व्यस्त थे. प्रधानमंत्री पहले अपने निवास पर गए फिर शहीदों को श्रद्धांजलि देने एयरपोर्ट पर गए.”

मोदी के मंत्री शहीदों के शवों के साथ सेल्फी ले रहे थे

सुरजेवाला ने कहा कि मोदी जी के पर्यटन मंत्री ने तो हदें पार कर दीं, वे शहीद के शव के साथ सेल्फी ले रहे थे. क्या इससे ज्यादा दर्दनाक और शर्मसार करने वाली बात कोई हो सकती है. सच्चाई ये है कि पुलवामा हमले के प्रति मोदी सरकार ना तो कोई राजनीतिक जवाब दे रही है और ना अपनी जिम्मेदारी तय कर रही है.

सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री की आज से शुरू हुई दो दिन दक्षिण कोरिया की यात्रा पर भी निशाना साधा. सुरजेवाला ने कहा, ”आज देश शहीदों की यादें बीन बीन कर चुन रहा है लेकिन मोदी जी दो दिन की विदेश यात्रा पर दक्षिण कोरिया सैर सपाटे के लिए पहुंच गए हैं.

जब देश इतनी पीड़ा से गुजर रहा है तब देश का प्रधानमंत्री सैर सपाटे और विदेश यात्रा में व्यस्त हो ये सरकार की गलत प्रथमिकताओं को दर्शाता है. मोदी सरकार को अपनी जिम्मेदारी और विपलतजा स्वीकार करनी होगी और देश से माफी मांगनी होगी.”

देश शहीदों को याद कर रहा, पीएम विदेश में सैर सपाटा कर रहे

पहला सवाल- हमले के बाद प्रधानमंत्री अपनी, अपने गृह मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और खुफिया तंत्र की विफलता की जिम्मेदारी क्यों स्वीकार नहीं की.

दूसरा सवाल- स्थानीय आतंकियों को सैकड़ों किलोग्राम आरडीएक्स, एम 4कार्बाइन और रॉकेट लॉन्चर कैसे मिले ? आरडीएक्स ले जा रही कार को काफिले के रास्ते में कैसे जाने दिया गया.

तीसरा सवाल- मोदी सरकार ने हमले से 48 घंटे पहले जैश ए मोहम्मद की ओर से जारी धमकी भरे वीडियो को नजरअंदाज कैसे कर दिया? जम्मू कश्मीर पुलिस की चेतावनी को भी क्यों नजर अंदाज किया गया?

चौथा सवाल- मोदी सरकार और गृह मंत्रालय द्वारा हवाई मार्ग से सेना की आवाजाही के लिए सीआरपीएफ और बीएसएफ के निवेदन को क्यों खारिज किया गया? क्या ये काफिला मौसम खराब होने की वजह से एक सप्ताह तक रुका नहीं रहा?

पांचवां सवाल- मोदी सरकार के 56 महीनों में अकेले जम्मू कश्मीर में हमारे 488 जवान वीर गति को प्राप्त हुए हैं. मोदी जी ऐसा क्यों हो रहा है? मोदी सरकार पाकिस्तान द्वारा एलओसी पर 5595 बार गोलाबारी रोकने सीजफायर उल्लंघन रोकने में नाकामयाब क्यों रही?

Back to top button