भागवत बोले- आज हम खुद को समझने के लिए विदेशी ग्रंथ पढ़ते हैं

इससे पहले भी बीते सप्ताह गुवाहटी में मोहन भागवत ने पाकिस्तान पर निशाना साधा था

भागवत बोले- आज हम खुद को समझने के लिए विदेशी ग्रंथ पढ़ते हैं

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में बिज़नेस क्षेत्र में राष्ट्रीयता और एथिक्स मुद्दे पर संबोधन दिया. मोहन भागवत ने यहां कहा कि हम पिछले कई सालों से दुश्मनों से लड़ते हुए आ रहे हैं, जिसके चक्कर में जन-धन की हानि होती है. मोहन भागवत बोले कि आज भी हम अपने आपको समझने के लिए विदेशी ग्रंथों को पढ़ते हैं, खुद के ग्रंथों को नहीं पढ़ते हैं.

उन्होंने कहा कि पिछले 500-700 साल में आक्रामक इस्लाम से भी लड़ते हुए हमारे देश का वैभव कम नहीं हुआ. भागवत बोले कि ब्रिटिशों से लड़ते हुए भी हमारे देश की जीडीपी टॉप 5 में रही है. आज भी भारत पीछे नहीं है, भारत दुनिया का सर्वप्रथम देश है. लेकिन सर्वप्रथम की परिभाषा बदल गई है. जिसे देखते हुए हम कहते हैं कि हमारा देश पीछे है.

[responsivevoice_button voice=”Hindi Female” buttontext=”अगर आप पढ़ना नहीं
चाहते तो क्लिक करे और सुने”]

आपको बता दें कि इससे पहले भी बीते सप्ताह गुवाहटी में मोहन भागवत ने पाकिस्तान पर निशाना साधा था. इस बैठक में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने पड़ोसी मुल्क पर निशाना साधते हुए कहा था कि भारत तो पाकिस्तान के साथ अपनी सारी शत्रुता भूल गया, लेकिन पाकिस्तान ने ऐसा नहीं किया.

उन्होंने कहा कि जब तक हिंदुत्व फले-फूलेगा, तब तक ही भारत का अस्तित्व बना रहेगा. पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड में चुनाव से कुछ दिनों पहले ही संघ प्रमुख ने गुवाहाटी में बैठक को संबोधित किया.

उन्होंने कहा कि संघर्ष हुआ, पाकिस्तान का जन्म हुआ. भारतवर्ष 15 अगस्त, 1947 से ही पाकिस्तान के साथ शत्रुता भूल गया लेकिन पाकिस्तान अब तक नहीं भूला. हिंदू स्वभाव और दूसरे के स्वभाव में यही अंतर है. भागवत ने कहा था कि मोहनजोदड़ो, हड़प्पा जैसी प्राचीन सभ्यता और हमारी संस्कृति जिन स्थानों पर विकसित हुई, अब वे पाकिस्तान में हैं.

advt
Back to top button