छत्तीसगढ़

मोर जमीन-मोर माटी का सपना हुआ पूरा, मनसीर बाई को मिला मालिकाना हक

खरीफ एवं रबी दोनों मौसमों में खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकेगी मनसीर बाई

राजनंदगांव : ग्राम गैंदाटोला में आयोजित समाधान शिविर में छुरिया विकासखंड के ग्राम घोटिया निवासी कृषक महिला मनसीर बाई को अपने पूर्वजो द्वारा वर्षो से खेती कार्य कर रहे जंगल की जमीन पर मालिकाना अधिकार मिलने से मोर जमीन – मोर माटी का सपना पूरा हुआ। छत्तीसगढ़ शासन के निति के अनुसार मानसीर बाई को वनाधिकार पत्र मिलने से जमीन सम्बन्धी सारी चिंता समाप्त हो गई है। वनाधिकार पत्र मिलने से मानसीर बाई काफी ख़ुश नजर आ रही थी।

मनसीर बाई ने कहा कि इस वन भूमि में उनके पूर्वजों से लेकर आज तक लगभग 80 साल पहले से जंगल की कटाई कर खेती कार्य की जा रही है। इसके अलावा आज उनके पास नहीं के बराबर जमीन है। ऐसे यह वन खेती किसानी के लिए एक मात्र सहारा यह जंगल जमीन ही है। उन्होंने बताया कि उसे एवं उनके परिवार को इस जमीन की मालिकाना मिलने को लेकर सदैव चिंता सताती रहती थी। लेकिन आज मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एवं छत्तीसगढ़ सरकार के विशेष प्रयासों से उसे आज उसे इस जमीन की स्वामित्व मिल गया है। अब वे बिना किसी चिन्ता के इस जमीन पर खरीफ एवं रबी दोनों मौसमों में खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकेगी।

इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एवं छत्तीसगढ़ सरकार को इस संवेदन शील कदम के लिए हृदय से धन्यवाद भी दिया। इसके अलावा उन्होंने लोक सुराज अभियान के दौरान उनके आवेदन पर तत्परता से कार्रवाई एवं प्रक्रियाओं को पूरी आज उन्हें वनाधिकार पत्र प्रदान करने के लिए हृदय से धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा कि लोक सुराज अभियान में उनके जैसे अनेक जरूरत मंद लोगों के समस्याओं का निराकरण एवं मांगे पूरा हो सकेगी।

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