521 नदियों में 323 प्रदूषित, बचे नदियों के सहारे पानी की मॉनीटरिंग

प्रदूषित नदियों में गंगा-यमुना और उसकी सारी सहायक नदियां भी शामिल

नई दिल्ली :

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जिन 521 नदियों के पानी की मॉनीटरिंग करता है, उनमें से 323 प्रदूषित हैं। प्रदूषण के कारण देश की 62 फीसदी नदियों का दम फूलने लगा है।

प्रदूषित नदियों में गंगा-यमुना और उसकी सारी सहायक नदियां भी शामिल हैं। नदियों के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा लगातार कम होने के कारण देश की 521 प्रमुख नदियों में से 323 का पानी नहाना तो दूर आचमन लायक भी नहीं रह गया है।

देश की 198 नदियां स्वच्छ पाई गई हैं जिनमें ज्यादातर दक्षिण पूर्व भारत की हैं। ‘हिन्दुस्तान’ की आरटीआई के जवाब में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यह जानकारी दी है। बोर्ड के मुताबिक, नदियों के किनारे बसे बड़े शहरों में ज्यादातर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं हैं,जिससे नदियों में प्रदूषण बढ़ रहा है।

1500 करोड़ खर्च नहीं

गंगा सफाई के लिए मिले डेढ़ हजार करोड़ खर्च ही नहीं हुए। आठ में से दो साल मिशन को मिला बजट पूरा खर्च हो सका।

 

क्यों घट रही ऑक्सीजन

नदी में बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) बढ़ने की बड़ी वजह सीवेज है। मल-मूत्र के अलावा मानव शव, पशु शव, फूल-पत्तियों का प्रवाह नदी के संतुलन को बिगाड़ता है। इन्हें नष्ट करने में भारी मात्रा में ऑक्सीजन खर्च होती है। इससे नदी के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा लगातार कम होती जा रही है।

– 198 नदियां स्वच्छ पाई गईं, इनमें ज्यादातर दक्षिण-पूर्व भारत की

– 33 बड़ी नदियां बेहद प्रदूषित, इनमें गंगा और यमुना भी शामिल

महाराष्ट्र का सबसे बुरा हाल

राज्य – स्वच्छ नदियां – प्रदूषित नदियां

उत्तर प्रदेश – 4 – 11

बिहार – 6 – 3

महाराष्ट्र – 7 – 45

उत्तराखंड – 3 – 9

झारखंड – 7 – 6

ऐसे होती है जांच

पानी की परख बीओडी के मानक पर होती है। पानी में अगर कचरा ज्यादा होगा तो उसे नष्ट करने के लिए पानी में घुले ऑक्सीजन की ज्यादा खपत होती है। यानी बीओडी जितना प्रदूषण उतना ज्यादा।

कई गुना प्रदूषण

पीने के पानी में बीओडी अधिकतम दो या उससे कम होना चाहिए। नहाने के पानी में यह 3 से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इन 323 नदियों में बीओडी 3 मिग्रा प्रति लीटर से ज्यादा पाया गया।

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