संसद का मॉनसून सत्र शुरू, विपक्षी सदस्यों के हंगामें के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित

सदन के नेता पीयूष गोयल ने नये मंत्रियों के परिचय कराने के समय विपक्ष के हंगामें की निंदा की।

new delhi: राज्‍यसभा की कार्यवाही तेल की बढ़ती कीमतों, किसानों और अन्‍य मुद्दों पर हंगामें के कारण तीन बजे तक स्‍थगित कर दी गई। 12 बजकर 24 मिनट तक पहले स्‍थ‍गन के बाद बैठक शुरू होने पर सभापति एम. वैंकैया नायडू ने कहा कि कोविड महामारी में हम सबकी कड़ी परीक्षा ली है। उन्‍होंने कहा कि सरकारों और अन्‍य संबंधित पक्षों ने स्‍वास्‍थ्‍य के आधारभूत ढांचें को मजबूत बनाने रातदिन काम किया।

इन प्रयासों के बावजूद बडी संख्‍या में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। पहली और दूसरी लहर के अनुभवों से हमें बहुत कुछ सीखने की जरूरत है ताकि अन्‍य संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए हम बेहतर ढंग से तैयार हो सकें। श्री नायडू ने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि सामूहिक प्रयासों से कोरोना वायरस को फैलने से रोकने की चुनौती से देश उभर जायेगा। लोग अपनी आकांक्षाओं के पूरा होने और पीड़ा से राहत पाने के लिए संसद की ओर देख रहे हैं। संसद का मानसून सत्र देश की मौजूदा स्थिति के संदर्भ में महत्‍वपूर्ण साबित होगा।

कांग्रेस के कुछ सदस्‍यों ने सभापति की प्रारंभिक टिप्‍पणी पर आपत्ति व्‍यक्‍त की। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामदलों, वाई.एस.आर. कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्‍य सदस्‍य बढ़ती कीमतों, किसानों और अन्‍य मुद्दों पर सरकर के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

हंगामें के बीच प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मंत्रिपरिषद में शामिल किये गए नये मंत्रियों का परिचय कराना चाहा। श्री मोदी ने सदन में हंगामें पर अप्रसन्‍नता व्‍यक्‍त की और कहा कि ये एक ऐसा अवसर है जब महिलाओं, अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय के मंत्रियों का परिचय कराया जा रहा है लेकिन यह कैसी मानसिकता है जो उनके सम्‍मान को देख नहीं सकती। श्री मोदी ने कहा कि उन्‍होंने ऐसा पहली बार देखा है।

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