शराब पीने या हेलमेट नहीं पहनने पर शुरू नहीं होगी बाइक

मुरादाबाद. आए दिन आपके शहर से रोज कई बाइक चोरी होती और बिना हेलमेट के बाइक चलाने के कारण लोगों की जान चली जाती है। अपनी सावधानी के लिए भी हम लोग बिना हेलमेट के बाइक चलाते हैं और दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि यह सिस्टम अगर बाइक कम्पनी अपनी बाइक्स में लगाते हैं तो न आपकी बाइक चोरी होगी और न ही आप बिना हेलमेट के बाइक चला पाएंगे।

मुरादाबाद के मुरादाबाद इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी छात्रों ने एक ऐसा प्रोजेक्ट तैयार किया है। जिसको नाम दिया है टू व्हीलर एंटी थेफ्ट एन्ड राइडर सेफ्टी सिस्टम। इस सिस्टम के लगे होने से आपके बिना फिंगर प्रिंट और बिना हेलमेट के आपकी बाइक स्टार्ट नहीं होगी। यह सिस्टम आपकी बाइक और आपको सुरक्षा देता है। जानिए इसके फीचर्सः

फिंगरप्रिंट सेंसर पर स्टार्ट होगी बाइक
जब भी आप अपनी बाइक में चाबी लगाते हैं तो इस सिस्टम के सारे मॉड्यूल एक्टिव हो जाते हैं। बाइक में लगे मीटर या डिस्प्ले के पास लगे फिंगरप्रिंट सेंसर पर पहले फीड आपकी उंगलियों के या अंगूठे के निशान को टच करना होगा। आपकी बाइक में लगा सेंसर रीड करेगा कि आपकी बाइक चलाने वाला आपके अलावा कोई और व्यक्ति तो नहीं है।

शराब पीने की जानकारी भी मिलेगी

इसके बाद बाद आपको हेलमेट पहनना होगा। इसमें आईआर सेंसर यानि कि इंफ्रा रेड सेंसर सिस्टम से जुड़ा है जो बताएगा कि आपने हेलमेट पहना है या नहीं। हेलमेट में भी एमक्यू 3 नामक एल्कोहल डिटेक्टर सेंसर भी लगा होगा। जो आपके शराब पीने की जानकारी देगा। इन सब सेंसर के पास होने के बाद ही आपकी बाइक स्टार्ट होगी और हां अगर आपने बाइक स्टार्ट के बाद हेलमेट उतार दिया तो आपकी बाइक तुरंत बंद हो जाएगी।

एक्सोलेरोमिटर रोकेगा बाइक चोरी
आपकी बाइक चोरी को रोकने के लिए इसके स्टैंड में एक एक्सोलेरोमीटर सेंसर लगाया लगाया गया है। जैसे ही कोई व्यक्ति आपकी बाइक को स्टैंड पर खड़ा करेगा या उतरेगा, वैसे है बाइक में लगा जीपीएस माड्यूल से वहां की लोकेशन को जीएसएम यानि कि ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम मॉड्यूल की सहायता से आपको एक एसएमएस मिलेगा। यह सारा काम इतनी तेजी के साथ होगा कि बाइक चुराने वाले को पता ही नहीं चलेगा कि आपको पता चल गया है कि चोर आपकी बाइक चुरा रहा है।

आइडिया कहां से आया और किस ने मदद की
छात्रों ने बताया कि आए दिन होने वाले हादसों ओर बाइक चोरी को देखते हुए यह आइडिया आया। इस को तैयार करने में हमारी टीम के अलावा विभागाध्यक्ष डॉक्टर फारुख हुसैन, सहायक प्रवक्ता अमित सक्सेना ने हमारी मदद की।

लग गया आठ महीने का समय
इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में 8 महीने का समय लगा, और इनको बनाए में दस हजार रुपया का खर्च आया। एक साथ गाड़ियों को मैन्युफैक्चरिंग किया जाए तो इसकी कीमत घटकर पांच से छह हजार रुपये आएगी।

टीम के सदस्य
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिक के विभागाध्यक्ष डॉक्टर फारुख हुसैन, सहायक प्रवक्ता अमित सक्सेना के निर्देशन में छात्र अंचित अग्रवाल, अमन भाटिया, आकांक्षा राजपूत, अमन मिश्रा ने यह प्रोजेक्ट तैयार किया।

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