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ज्यादा मिठाइयां और एनर्जी ड्रिंक बच्चों के व्यवहार पर डालती हैं बुरा असर

शुगर का हाई लेवल करता हैं हिंसक स्वभाव को दोगुना

जब भी बच्चा जिद करता हैं तो हम उसका बचपना समझ कर उसकी हर जिद को पूरा करते रहते हैं। फिर चाहे वो शौपिंग की जिद हो या खाने-पिने की। माता-पिता बच्चों की परवरिश में कोई कसर नहीं छोड़ते। धीरे-धीरे माता-पिता की परेशानी का कारण यह जिद ही बनती हैं। आखिर उनका बच्चा ऐसा क्यों होता जा रहा हैं ।

अगर आप भी इसी सोच में ढूबे हैं तो आपको बता दें कि ज्यादा मात्रा में चीनी खाने से बच्चे का स्वभाव ऐसा हो जाता हैं। जी हां, हाल ही में हुई रिसर्च के मुताबिक, जो बच्चे ज्यादा चीनी खाते हैं, उनका स्वभाव हिंसक व उन्हें एल्कोहॉलिक और सिगरेट पीने की लत पड़ने की ज्यादा संभावना होती हैं।

बच्चे के हिंसक रवैये के पीछे हैं शुगर

कई स्टीज में करने के बाद पता चला हैं कि ज्यादा शुगर खाने या पीने से 11 से 15 साल के बच्चों के बीच हिंसक रवैये का खतरा बढ़ जाता हैं। वहीं, अगर कोई बच्चा ज्यादा मिठाइयां और एनर्जी ड्रिंक लेता है तो वो दूसरे के लिए खतरा बन सकता हैं। दरअसल, इन सब चीजों में कैफीन की मात्रा काफी होती है जो बच्चों के व्यवहार पर बुरा असर डालती हैं।

शुगर की हाई डोज लेने से लगती हैं नशे की लत

जबकि, दूसरी स्टडी में पता चला कि बच्चों में शुगर का हाई लेवल होने पर उनका हिंसक स्वभाव दोगुना तो होता है साथ ही 95 फीसदी बच्चों को नशे की लत लगने की आशंका हैं।

11 वर्ष के बच्चे को कितनी लेनी चाहिए चीनी

हालांकि, स्टडी में यह स्पष्ट तौर पर नहीं बताया गया कि शुगर की कितनी मात्रा खतरनाक बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती हैं किन नेशनल हेल्थ सर्विस इंग्लैंड की गाइडलाइन्स के मुताबिक, 11 वर्ष की उम्र वाले बच्चों को 30 ग्राम से ज्यादा ऐडेड शुगर नहीं लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि कोकाकोला के एक कैन में 35 ग्राम शुगर होती है, इसलिए इसे लेने से पहले इसकी मात्रा पर नजर जरूर डाल लें।<>

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ज्यादा मिठाइयां और एनर्जी ड्रिंक बच्चों के व्यवहार पर डालती हैं बुरा असर
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