तपोवन और रैणी के 100 से अधिक लोग बताए जा रहे लापता

शनिवार यानी 20 फरवरी को तपोवन डैम के मलबे से 5 और शव बरामद किए गए

चमोली:उत्तराखंड में एनटीपीसी की तपोवन-विष्णुगढ़ जल विद्युत परियोजना स्थल से शनिवार को तीन और शव बरामद किए गए, जिससे राज्य में सात फरवरी को ग्लेशियर फटने से आई आपदा में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 65 हो गई. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

इस आपदा को करीब करीब दो हफ्ते हो गए, लेकिन अब भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. शव मिलने का सिलसिला जारी है. अभी भी तपोवन और रैणी इलाके के 100 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं. शनिवार यानी 20 फरवरी को तपोवन डैम के मलबे से 5 और शव बरामद किए गए.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक कुमार ने बताया है कि शनिवार की देर शाम तक चमोली जिले के तपोवन डैम के मलबे से 5 और शव बरामद किए गए हैं. हादसे के 14वें दिन तक कुल 67 शव बरामद किए जा चुके हैं.

अब तक 34 शवों की शिनाख्त की जा चुकी है. बाकी 33 की शिनाख्त के प्रयास पुलिस और प्रशासन की ओर से किए जा रहे हैं. अब भी इलाके के 139 लोग लापता बताए जा रहे हैं. इनकी तलाश के लिए त्रासदी के 2 हफ्ते बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी है.

नेशनल डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स (एनडीआरएफ) और स्टेट डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स (एसडीआरएफ) की टीमों के साथ ही भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान भी रेस्क्यू में जुटे हैं. बता दें कि रैणी गांव के करीब ग्लेशियर टूटने के कारण व्यापक तबाही आई थी.

ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट सैलाब में बह गया तो वहीं तपोवन टनल भी मलबे से जाम हो गई. 200 से अधिक लोग इस आपदा में लापता हो गए थे. लापता लोगों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है तो वहीं सरकार ने एसडीआरएफ और वैज्ञानिकों का एक दल ऋषि गंगा में बनी झील के अध्ययन के लिए भेजा है.

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