कुआलालंपुर में दो एलआरटी ट्रेनों की टक्कर में 210 से ज्यादा लोग हुए घायल

जांच के लिए होगा टास्क फोर्स का गठन

कुआलालंपुर:कुआलालंपुर में यात्रियों को लेकर जा रही एक एलआरटी ट्रेन अन्य एलआरटी ट्रेन से टकरा गई. इस हादसे में 210 से ज्यादा लोग घायल हो गए. सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो, टूटे शीशे के पैनल और कई खून से लथपथ यात्रियों की तस्वीरें वायरल हो रही हैं.

उन्होंने बताया कि यात्रियों से भरी ट्रेन अम्पांग स्टेशन से यात्रा कर रही थी. यह घटना केएलसीसी बिल्डिंग के नीचे हुई. इसमें लोगों के मरने की खबर नहीं है लेकिन कई लोग घायल हुए हैं. केलाना जया लाइन के ऑपरेटर, AskRapidKL ने ट्वीट करते हुए बताया कि लाइन पर एक घटना हुई है, जिसमें ट्रेन नंबर 40 और 81 शामिल थी.

गंभीर रूप से घायल 47 यात्री

ऑपरेटर ने बताया कि सभी घायल यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर पहुंचाया गया है. आपातकालीन सहायता और बचाव कार्य जारी है. एक इंटरव्यू में कुआलालंपुर फायर एंड रेस्क्यू डिपार्टमेंट के प्रमुख नॉर्डिन एमडी पौजी ने पुष्टि की कि 47 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. वहीं 166 लोगों को हल्की चोटें आईं.

डांग वांगी ओसीपीडी के सहायक आयुक्त मोहम्मद ज़ैनल अब्दुल्ला ने कहा कि घटना एलआरटी लाइन के ‘ऑपरेशन सेंटर में मिसकम्युनिकेशन के कारण’ हो सकती है. उन्होंने कहा कि हम आगे जांच करेंगे कि क्या ब्रेकडाउन का कारण लापरवाही थी या कुछ और क्योंकि इसमें सार्वजनिक सुरक्षा शामिल है और कई लोग घायल हुए हैं.

जांच के लिए होगा टास्क फोर्स का गठन

पत्रकारों से बात करते हुए, परिवहन मंत्री वी का सियोंग ने कहा कि मलेशिया में एलआरटी संचालन के 23 वर्षों में ये टक्कर पहली दुर्घटना है. उन्होंने कहा कि मंत्रालय दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए एक टास्क फोर्स और एक पैनल का गठन करेगा. कल, भूमि सार्वजनिक परिवहन एजेंसी के महानिदेशक मुझे शुरुआती रिपोर्ट पेश करेंगे और दो सप्ताह में, यह टास्क फोर्स मुझे जांच रिपोर्ट पेश करेगी. उन्होंने कहा कि दो हफ्ते में हम यह जानने में सक्षम होंगे कि इस दुर्घटना का क्या कारण है.

प्रधानमंत्री मुहीद्दीन यासीन ने ट्विटर पर लिखा कि दुर्घटना ‘गंभीर’ थी. उन्होंने कहा कि परिवहन मंत्रालय और रेल कंपनी को ‘दुर्घटना के कारणों की पहचान करने के लिए पूरी जांच’ करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि ‘तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाएगी’. उन्होंने कहा कि संबंधित पक्षों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि जो लोग घायल हुए हैं उन्हें ‘पूर्ण उपचार’ मिले.

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button