राष्ट्रीय

अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हैं 21,000 से ज्‍यादा भारतीय

2017 में 10.7 लाख से ज्यादा भारतीय वीजा पर की अमेरिका की यात्रा

नई दिल्लीः अमेरिका में पिछले वर्ष 21,000 से ज्यादा भारतीय अपनी वीजा की अवधि खत्म होने के बाद तक अमेरिका में रुके रहे। आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय ने बुधवार यह जानकारी दी।
नियमों के मुताबिक, वीजा अवधि खत्म होने से पहले विदेशियों को अपने देश वापस जाना होता है। हालांकि, वीजा अवधि खत्म होने के बाद तक अमेरिका में बने रहने वाले विदेशियों में प्रतिशत के लिहाज से भारतीयों की संख्या अधिक नहीं है लेकिन भारत उन शीर्ष 10 देशों में शुमार है, जिसके नागरिक अमेरिका में वैध रूप से आये और अवैध रूप से रुके हुये हैं।
आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय ने अपनी हालिया वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि अक्तबूर 2016 से सितंबर 2017 के दौरान 701,900 विदेशी हवाई या समुद्र मार्ग से अमेरिका आये। ये लोग वीजा की मियाद खत्म होने के बाद भी रूके रहे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017 में 10.7 लाख से ज्यादा भारतीय बी-1 और बी-2 वीजा पर अमेरिका की यात्रा की। यह वीजा कारोबार, यात्रा और पर्यटन यात्रा के लिये जारी किया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से 14,204 भारतीय देश में ही रुके हुये हैं। इन भारतीयों में से 1,708 ने अपने वीजा की समाप्ति के बाद अमेरिका छोड़ दिया जबकि 12,498 भारतीयों के अमेरिका छोड़ने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। ऐसे में माना जा सकता है कि वे अवैध आप्रवासी के रूप में अमेरिका में रह रहे हैं।
वहीं, 2016 में 10 लाख से अधिक भारतीय अमेरिका आये और उनमें से 17,763 लोग वीजा अवधि खत्म होने के बाद तक रहे। इनमें से 2,040 भारतीय वीजा खत्म होने के कुछ समय बाद वापस चले गये जबकि 15,723 लोग अवैध तरीके से रह रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017 में 127,435 भारतीय छात्र और शोध अभ्यार्थी एफ, जे और एम श्रेणी के वीजा पर अमेरिका आये। इनमें से 4,400 भारतीय अवधि खत्म होने के बाद भी रहे।

2,833 भारतीय अभी भी हैं अमेरिका में
आंकड़ें दर्शाते है कि बाद में 1,567 लोग वापस चले गये जबकि 2,833 भारतीय अभी भी अमेरिका में हैं। अन्य आप्रवासी वीजा श्रेणियों में 4.5 लाख से अधिक भारतीयों के 2017 में अमेरिका आने की उम्मीद है, इनमें से 9,568 लोग अपने वीजा की अवधि खत्म होने से ज्यादा समय तक रुके। इनमें 2,956 भारतीय वीजा खत्म होने के कुछ समय बाद चले गये जबकि 6,612 लोगों के देश में बने रहने की आशंका है।