रोजगार का झांसा देकर बनाया 25 से ज्यादा बैगा आदिवासी को बंधक

एसपी डॉ. लाल उमेंद सिंह ने कहा है कि राजस्व श्रम विभाग की टीम के साथ एक पुलिस पार्टी शुक्रवार को ही बेंगलुरु भेजी जाएगी।

कवर्धा। पंडरिया ब्लाक में बैगा आदिवासियों को बंधक बनाने का मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार रोजगार के झांसा में आकर 25 से ज्यादा बैगा आदिवासियों के बंधक बना लिए जाने का मामला सामने आया है।

दरअसल पांच महीने पहले बेंगलुरु की पल्प नामक कंपनी के झांसे में आकर बैगा आदिवासी फंस गए। उन्हें 10 हजार रुपए मासिक वेतन देने का लालच देकर ले जाया गया है। बंधकों में शामिल एक महिला किसी तरह छूटकर गांव पहुंची और ग्रामीणों के साथ एसपी से मुलाकात कर मामले की पूरी जानकारी देते हुए जल्द से जल्द उन्हें छुड़ाने की अपील की है।

ग्रामीण महिला सदन बाई ने एसपी. डॉ. लाल उमेंद सिंह को बताया कि पंडरिया ब्लाक के ग्राम पंचायत अमनिया के आश्रित ग्राम अमलिहा व ग्राम पंचायत बदना के आश्रित ग्राम घोघरा के ग्रामीण पांच महीने पहले बेंगलुरु की पल्प नामक कंपनी के झांसे में आकर चले गए हैं। उन्हें 10 हजार रुपए मासिक वेतन देने का लालच देकर ले जाया गया है।

वहां उन्हें बंधक बना लिया गया है। एसपी डॉ. लाल उमेंद सिंह ने कहा है कि राजस्व श्रम विभाग की टीम के साथ एक पुलिस पार्टी शुक्रवार को ही बेंगलुरु भेजी जाएगी।

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