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दुबई में रहने वाले 350 से ज्यादा प्रवासी अपने वतन लौटने कराया रजिस्ट्रेशन

100 से ज्यादा इंदौर के सदस्य

इंदौर: कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण अभी भी दुबई में फंसे भारतीयों ने प्रदेश और केंद्र सरकार से गुहार लगाई है कि जिस तरह कुवैत और लंदन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए विशेष फ्लाइट चलाई गई, उसी तरह दुबई-इंदौर फ्लाइट से इनकी भी वतन वापसी कराई जाए।

यहाँ इंदौर-भोपाल सहित प्रदेश के अन्य शहर के 350 से ज्यादा लोग अब अपने घर लौटना चाहते हैं। इनमें 100 से ज्यादा इंदौर के हैं। कोविड-19 और लॉकडाउन के बाद कई लोगों की वहां नौकरी चली गई। रहने को घर भी नहीं है। कोई रिश्तेदार तो कोई दोस्त के यहां रह रहा है।

दुबई में रहने वाले चंद्रशेखर भाटिया बताते हैं कि यहां 350 से ज्यादा लोगों ने घर आने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। वहीं दुबई में रह रहे इंदौर के यश मित्तल ने बताया कि इंदौर-भोपाल के लोगों ने अपना वाट्सएप ग्रुप भी बना लिया है।

ग्रुप में 40 सदस्य इंदौर के हैं। इनमें से 25 से ज्यादा की नौकरी लॉकडाउन के दौरान चली गई है। कई लोगों का वीजा भी खत्म हो चुका है। ग्रुप में एक महिला ऐसी हैं जो गर्भवती हैं। उनके पति की जॉब भी चली गई है। जो लोग टूरिस्ट वीजा पर गए थे, वे भी परेशान हो रहे हैं।

1. परफ्यूम शॉप में काम करते थे, अब नौकरी से बाहर

इंदौर निवासी 23 वर्षीय कमल बिंदरानी दो साल से दुबई में जॉब कर रहे थे। वे परफ्यूम शॉप में सेल्स का काम देखते थे। कोविड-19 अौर लॉकडाउन के कारण शॉप बंद हो गई। जॉब छूटी तो अब वे घर आना चाहते हैं। इधर, इंदौर में रहने वाले उनके माता-पिता भी काफी परेशान हैं।

2. पति-पत्नी दोनों की सैलरी 50 से 70 % तक कम

राहुल सोनी और सुमी सोनी दोनों पांच साल पहले दुबई जॉब करने गए थे। राहुल रिटेल मार्केटिंग में जबकि सुमी वहां डिजिटल मार्केटिंग में जॉब करती हैं। पति-पत्नी की सैलरी में 50 और 70 फीसदी तक की कटौती हो गई, जबकि घर का किराया और बाकी खर्च वैसे ही हैं। एेसे में वहां रहना मुश्किल है।

3. भानजे के यहां मार्च में गई थीं बहनें, वहीं रुक गईं

इंदौर निवासी 76 वर्षीय शांता केवाले और उनकी 71 वर्षीय बहन कमल चांदोले मार्च के पहले सप्ताह में भानजे के यहां आबूधाबी गई थीं। उन्हें मार्च के अंतिम सप्ताह में आना था, लेकिन लॉकडाउन के बाद से वे वहीं हैं। शांता केवाले को घुटनों में परेशानी है। उनका इलाज भी चल रहा है।

एयरपोर्ट पर एंट्री-वे पर अब यात्रियों को सोशल डिस्टेंस का पूरा ध्यान रखना पड़ रहा है। उनका लगेज भी बाहर ही सैनिटाइज किया जा रहा है। उधर, प्रशासन ने भी एयरपोर्ट पर अधिकारियों की रोस्टर ड्यूटी लगाई है।

मेडिकल टीम भी लगाई है जो दो शिफ्ट में काम कर रही है। इसमें तीन चिकित्सक एवं तीन पैरामेडिकल स्टाफ है। सबसे पहले यात्रियों की स्वास्थ्य काउंटर पर प्राथमिक चिकित्सा जांच और थर्मल स्क्रीनिंग हो रही है। लक्षण पाए जाने पर यात्री को क्वारेंटाइन किया जा रहा है। सभी यात्रियों के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप तथा लोकल एप चेक किया जा रहा है।

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