छत्तीसगढ़

दर्जन भर से अधिक ग्रामीणों ने डिप्टी रेंजर के विरुद्ध जेमरा में आयोजित जनचौपाल में कलेक्टर से की थी शिकायत

आस लगाए ग्रामीणों को 15 दिन बाद भी नही दिखी कार्यवाही की एक झलक

कोरबा/पाली:- बीते माह 31 जनवरी को पाली ब्लाक के दूरस्थ एवं बीहड़ वनांचल वाले ग्राम पंचायत जेमरा में जनचौपाल के माध्यम से जिले की मुखिया श्रीमती किरण कौशल, जिला पंचायत सीईओ कुंदन कुमार के साथ उक्त ग्राम में पहुँचकर ग्रामीणजनों से रूबरू होते हुए जनचौपाल में उपस्थित ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद के तहत सरकारी योजनाओं की जानकारी जानी तथा समस्याओं को सुन और त्वरित निराकरण के दौरान जेमरा सर्किल के डिप्टी रेंजर गिरधारीलाल यादव के क्रियाकलापों के खिलाफ भी दर्जन भर से अधिक ग्रामीणों ने शिकायतपत्र सौंपा था जिसमे पौधा ढुलाई कार्य का शासन द्वारा निर्धारित दर से कम भुगतान, जंगल को आग से बचाव करने वाले ग्रामीण मजदूरों का भुगतान ना किया जाना, पौधारोपण के कार्य करने वाले ग्रामीणों को कम भुगतान दिया जाना सहित शराब के नशे में रहकर ग्रामीणों से अक्सर दुर्व्यवहार एवं भयादोहन करने जैसी शिकायतें शामिल थी जहाँ कलेक्टर ने ग्रामीण मजदूरों द्वारा किये गए कार्यों सहित वाहन मालिकों को लंबित राशि भुगतान करा और उक्त डिप्टी रेंजर पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए थे।

जनचौपाल में उपस्थित ग्रामीणों ने तब बताया था कि डिप्टी रेंजर गिरधारीलाल यादव के द्वारा अपने कार्यों में मनमानी एवं भुगतान में गड़बड़ी किये जाने को लेकर पूर्व में भी अनेक लिखित शिकायते वन विभाग में दी गई है जिस पर कोई कार्यवाही नही हुई और ना ही उनके लंबित राशि का भुगतान हो पाया।

जनचौपाल में उक्त डिप्टी रेंजर के मनमाने क्रियाकलापों तथा अपनी मांगों को लेकर दिए गए शिकायतपत्रों पर आज 15 दिवस बाद भी कार्यवाही की दिशा पर कोई सुगबुगाहट होता ना देख ग्रामीणों का आस टूटने लगा है।

पौधा ढुलाई का कार्य किये वाहन मालिको में विक्की अग्रवाल, मन्नू डिक्सेना, विनोद कंवर, जेठूराम प्रजापति, अरुण कुमार, गुरुदयाल सिंह, नंदलाल डिक्सेना, लक्ष्मी साहू, दिलहरण साहू, प्रमोद डिक्सेना, शिवराज सहित लगभग दर्जन भर का शासकीय दर पर भाड़ा राशि के विपरीत कम भुगतान किया गया है।

वहीं ग्रामीण मजदूर सुधारसिंह धनुहार, पंकजदास, चंद्रभानु सिंह तंवर जिन्होंने जंगल को आग से बचाव का कार्य किया था वे भी अपना राशि पाने डिप्टी रेंजर का चक्कर काट- काटकर निराश व परेशान हो चुके है।

पौधारोपण के कार्य मे भी नियोजित मजदूरों का निर्धारित दर 280 के विपरीत 200 का भुगतान किया गया तथा अधिकतर मजदूर बिलासपुर जिले के केनाडाँड़ से बुलाए गए थे जिनको लाने ले जाने के कार्य में लगाए गए वाहन का भी अधिकतर भुगतान मालिक को नही किया गया।

इसी तरह कादल जंगल मे वर्ष भर पूर्व तालाब खोदाई के कार्य मे नियोजित ट्रेक्टर वाहन का भुगतान लंबित रखा गया है।इस प्रकार दर्जनों गरीब ग्रामीण मजदूरो व वाहन मालिको द्वारा कलेक्टर जनचौपाल में अपना आवेदन देने के बाद भी उनकी समस्या जस की तस है।वहीं प्रशासन की दूरदर्शिता व कार्यवाही के अभाव में डिप्टी रेंजर के हौसले काफी बुलंद तथा मनमानी चरम पर है।

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