किसानों की मांगों को लेकर मार्च में शामिल हुए छत्तीसगढ़ के पांच सौ से अधिक किसान

किसानों की मांगों को लेकर मार्च में शामिल हुए छत्तीसगढ़ के पांच सौ से अधिक किसान

रायपुर : अखिल भारतीय किसान सभा सहित देश के 200 से अधिक संगठनों से बनी अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर आयोजित किसान मुक्ति मार्च में छत्तीसगढ़ से भी 500 से अधिक किसान हिस्सेदारी कर रहे हैं. इन किसानों का नेतृत्व छत्तीसगढ़ किसान सभा के राकेश चौहान, राजनांदगांव जिला किसान संघ के सुदेश टीकम तथा छमुमो (मजदूर-किसान कार्यकर्ता समिति) के रमाकांत बंजारे कर रहे हैं.

इस बाबत जानकारी देते हुए छग किसान सभा के महासचिव ऋषि गुप्ता ने बताया कि स्वामीनाथन आयोग के C2 फार्मूले के अनुसार फसल की लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने और इस हेतु कानून बनाने, किसानों को उन पर चढ़े सरकारी और महाजनी कर्जे से मुक्त करने के लिए कानून बनाने, पशुओं के व्यापार पर लगे अघोषित प्रतिबंध को हटाने और उन पर गौ-गुंडों के हो रहे हमलों पर रोक लगाने, फसल बीमा के तहत प्राकृतिक आपदा से हो रहे नुकसान का आकलन व्यक्तिगत आधार पर करने,

विकास के नाम पर किसानों की जबरन भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने तथा पेसा, वनाधिकार कानून व पांचवी अनुसूची के प्रावधानों का पालन करने, मनरेगा में 200 दिन का काम हर परिवार के लिए सुनिश्चित करने आदि इन मार्च की प्रमुख मांगें हैं. किसान मुक्ति मार्च में शामिल संगठन किसानों की मांगों और खेती किसानी के समस्याओं पर विचार-विमर्श करने के लिए संसद का 21 दिनों का विशेष सत्र भी बुलाने की मांग कर रहे हैं.
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