छत्तीसगढ़

बंद रहते हैं अधिकांश आंगनबाड़ी केन्द्र, धूप में भटकते रहते हैं बच्चे

रितेश गुप्ता:

पसान: कोरबा जिले के ग्रामीण अंचलों में संचालित अधिकांश आंगनबाड़ी केन्द्र बंद रहते हैं। जिससे बच्चे केंद्र पर आकर भटकते रहते हैं, उनको पोषण आहार भी नहीं मिल पाता है। महिला बाल विकास विभाग पसान सेक्टर के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी तराईनार पर कार्यकर्ता मनमानी कार्य कर रही हैं।

समय पर आंगनबाड़ी केन्द्र नहीं खोले जाते। गांव के लोगों द्वारा बताया गया कि बच्चे केंद्र तक आते तो हैं किंतु केंद्र में ताला बंद होने के कारण धूप में लौट जाते हैं। इसी प्रकार अन्य कई आंगनबाड़ी केन्द्रों का भी हाल है।

चूंकि तराईनार आंगनबाड़ी केन्द्र हमेशा बंद ही पड़ा रहता हैं। इसके बावजूद बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार दाल चावल की खपत हो रही है। इससे बड़ा सवाल उठता है कि जब आंगनबाड़ी खुल नहीं रहा तो पोषण आहार जा कहा रहा है।

तराई नार आंगनबाड़ी केंद्र में हमेशा ताला लटका रहता है। ग्रामवासियों ने बताया कि इस आंगनबाड़ी में महिला कार्यकर्ता तथा एक अन्य सहायिका है। इस केन्द्र में चावल दाल तथा अन्य पोषण आहार रोजाना बच्चों की दर्ज संख्या के अनुसार खपत दिखाई जा रही है। मीडिया की पड़ताल में पाया कि केंद्रों में गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों को दिये जाने वाले रेडी टू इट पर भारी पैमाने पर अफरा तफरी की शिकायत मिली है।

आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि कार्यकर्ता महिला कार्यकर्ता हमेशा केन्द्र से नदारद रहती है। फिर भी विभाग इसके खिलाफ आज तक कार्यवाही नही किया जाता। और ग्राम के सभी आंगनबाड़ी का लगभग यही हाल है। इसके बावजूद न विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान देते है।

शासन की योजनाओं से वंचित ग्रामीण

इस संबंध मे ग्रामीण उमेन सिंह, वीर सिंह, परमिला, सीमा, सुमित्रा आदि ने बताया कि हमेशा ही आंगनबाड़ी में ताला लटका रहता हैं, पिछले कई महीनों से यह हमेशा बंद ही रहता है। आंगनवाड़ी केन्द्र में रेडी टू ईट का भी पिछले कई महीनो से नियमित वितरण नहीं हो रहा है। इस अव्यवस्था का खामियाजा तराई नार आंगनवाड़ी केंद्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
 
शिशुवती व गर्भवती माताओं की भी यही स्थिति है। इनको दिया जाने वाला पोषण आहार  का वितरण भी बंद हैं । इस तरह के कार्यप्रणाली से एवं शासन की सुविधाएं से वंचित ग्रामीणों में रोष का माहौल वयाप्त हैं। पूर्व में निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी बंद व कार्यकर्ता का अनुपस्थित होने के बावजूद किसी भी प्रकार की कार्यवाही न करना अधिकारियों की लापरवाही को भी दर्शाता है

अधिकारियों की अनदेखी का खामियाजा

ग्रामीणो ने बताया कि आंगनबाड़ी हमेशा बंद ही रहता हैं जिसका खामियाजा उनके बच्चो को भुगतना पड़ रहा है । ग्रामीणों ने बतलाया कि आंगनबाड़ी बंद होने की जानकारी सेक्टर सुपरवाइजर को मौखिक रूप से कई बार दी गयी है किंतु उनके द्वारा किसी भी प्रकार से कोई कार्यवाही आज तक नही की गई है।

सुपरवाइजर ने 6 माह से नहीं किया केंद्रों का निरीक्षण

पसान ग्रामीण की सुपरवाइजर द्वारा विगत 6 माह से केंद्रों का निरीक्षण नहीं किया गया। जबकि यह उनका दायित्व बनता है कि समय-समय से केंद्रों का निरीक्षण करे ताकि आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन शासन की मंशानुसार हो सके।

अधिकारियों से सम्पर्क नहीं हुआ

जब इस सम्बंध में परियोजना अधिकारियों से संपर्क नहीं सका क्युकी जब मीडिया की टीम जानकारी लेने महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय पहुँचे तब कार्यालय में अधिकारी एवं सुपरवाइजर कोई नहीं था।

हालांकि पूर्व में क्लीपर28 के द्वारा तराई नार आंगनबाड़ी में कार्यकर्त्ता के लापरवाही भरे कारनामों के बारे में अधिकारियों को जानकारी न्यूज़ के माध्यम से दी गई थी। किंतु किसी भी प्रकार की कार्यवाही नही होने से कर्मचारियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

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