चुनावी खर्च की लिमिट तय करने के पक्ष में ज्यादातर दल, पर भाजपा नहीं

अगले साल होने हैं लोकसभा चुनाव

नई दिल्लीः चुनावी खर्च की सीमा तय करने के मसले पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) चुनाव आयोग (ईसी) की बैठक में अलग-थलग नजर आई। देश के ज्यादातर राजनीतिक दल जहां चुनावी खर्च की सीमा तय करने के पक्ष में दिखे। वहीं, बीजेपी इसके समर्थन में नहीं थी।

इस दौरान जनता दल (यूनाइटेड), शिरोमणि अकाली दल और शिवसेना जैसे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दल भी चुनावी खर्च नियंत्रित करने के पक्ष में दिखे। बीजेपी ने कहा कि राजनीतिक दल एजेंडा के तहत अभियान चलाते हैं, जो कि विजन डॉक्यूमेंट्स पर आधारित होते हैं। ईसी को चुनावी खर्च की सीमा तय करने के बजाय पारदर्शिता बढ़ाने के मुद्दे पर जोर देना चाहिए।

बता दें कि अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं। उसी की तैयारियों के लिहाज से ईसी ने सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिसके लिए देश की सात राष्ट्रीय और 51 क्षेत्रीय पार्टियों को न्यौता भेजा गया था। बैठक के दौरान चुनावी खर्च पर नियंत्रण करने, विधान परिषद के चुनावों के खर्च की सीमा तय करने और राजनीतिक दलों का खर्च सीमित करने के मुद्दे पर बातचीत हुई।

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