अधिकतर लोग जांच किए बगैर सोशल मीडिया पर साझा करते हैं फर्जी खबर : शोध

शोध पूर्वानुमान की जांच के लिए खान ने अमेरिकी रूपरेखा में इंडोनेशिया से आंकड़े जुटाए

वॉशिंगटन: अक्सर देखा जाता है कि फेसबूक, वाट्सप जैसे सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ भेजा जाता है और इसे बिना सोचे समझे दूसरों को भेज दिया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनमे से अधिक से अधिक न्यूज़ गलत रहता है जिसे अधिकतर लोग फारवर्ड कर देते हैं। यह खुलासा शोध मे हुआ है।

अमेरिका में ओहायो विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि सोशल मीडिया पर गलत सूचना (फेक न्यूज के नाम से मशहूर) का पता लगाने के लिए कई कारकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। बिहैवियर एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि कुछ कारकों पर गौर करके यह अनुमान लगाना संभव है कि क्या कुछ लोग कुछ कारकों पर आधारित गलत सूचना साझा कर सकते हैं।

ओहायो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एम. लईक खान ने कहा,’इस अध्ययन से यह समझने में आसानी होगी कि कोई व्यक्ति सैद्धांतिक दृष्टिकोण और सूचना साक्षरता कारकों का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर गलत सूचना साझा क्यों करेगा।’ खान ने एक बयान में कहा,’फेक न्यूज और गलत सूचना को हमारे समय का सबसे बड़ा मुद्दा कहा जा सकता है।’ शोध पूर्वानुमान की जांच के लिए खान ने अमेरिकी रूपरेखा में इंडोनेशिया से आंकड़े जुटाए।

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