उत्तर प्रदेशराज्य

डिलीवरी के दौरान नवजात बच्चे की मौत के बाद मां को बनाया बंधक

नवजात की लाश उसकी नानी को सौंपकर 20 हजार रुपये जमा करने की मांग

मेरठ: उत्तर प्रदेश के हापुड़ चुंगी के पास गौहर हॉस्पिटल में अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर आठ सितंबर को भर्ती कराया। आरोप है कि डॉक्टर की बजाय स्टाफ नर्स से डिलीवरी कराई गई और नवजात बच्चे की मौत हो गई।

परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उनकी नहीं सुनी गई। थक-हारकर परिजनों ने गुलशन को डिस्चार्ज करने के लिए कहा तो अस्पताल ने 20 हजार रुपये बकाया बिल भरने की शर्त रख दी।

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट बोल दिया कि 20 हजार रुपये न देने तक गुलशन उनके यहां बंधक रहेगी। गुलशन की मां अपने मृत धेवते को गोद में लेकर कमिश्नरी चौराहा पहुंच गई। काफी कुरेदने के बाद जब उसने बताया कि बच्चा मृत है, तो सुनकर सबके पैरों तले जमीन खिसक गई।

बोली, अस्पताल वाले उनकी बेटी को डिस्चार्ज नहीं कर रहे। डॉ. राजकुमार, सीएमओ मेरठ ने बताया कि निजी अस्पतालों में इलाज का कोई तय रेट नहीं है। जिला अस्पताल में डिलीवरी मुफ्त होती है। मामला सामने आने के बाद महिला को डिस्चार्ज कराते हुए अस्पताल को नोटिस दिया है। शिकायत पर जांच शुरू करा दी गई है।

यूपी के मेरठ के गौहर हॉस्पिटल प्रशासन ने डिलीवरी के दौरान नवजात बच्चे की मौत के बाद उसकी मां को बंधक बना लिया। नवजात की लाश उसकी नानी को सौंपकर 20 हजार रुपये जमा करने पर ही मां को डिस्चार्ज करने की शर्त रख दी। नानी अपने मृत धेवते की लाश लेकर शहर की सड़कों पर मदद के लिए धक्के खाती रही। स्वास्थ्य विभाग के दो अफसरों ने बिल माफ कराकर महिला को डिस्चार्ज कराया। पूरे मामले में जांच कमेटी बना दी गई है।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button