माता मावली मेला 2018 : महिलाओं ने संभाली पार्किग की ज़िम्मेदारी

महिला स्व-सहायता समूह को दिया पार्किग का ठेका

नारायणपुर : अभी हाल ही में जिला मुख्यालय में आयोजित प्रसद्धि माता मावली मेला में जिला प्रशासन की विशेष पहल देखने को मिली। जिला प्रशासन और माता मावली मेला समिति द्वारा निर्णय लेकर महिला स्व-सहायता समूह को सायकल स्टेण्ड का (पार्किग) ठेका देकर एक नई पहल शुरू की। महिला स्व-सहायता समूह का गठन कर उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के पीछे सरकार की मंशा महिलाओं को हर उस रोजागार से जोड़ना है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकें। माता मावली मेले में तीन स्व-सहायता समूहों को सायकल स्टेण्ड का ठेका दिया गया था।

उनमें स्व-सहायता समूह, जगन्नाथ स्व-सहायता समूह, पटेल पारा, और बंगलापारा की खुशी स्व-‘सहायता समूह है। पार्किग न होने से लोग गाड़ियों को बेतरतीब ढंग से पार्क कर सड़क को पूर्ण रूप से बाधित कर देते है। जगन्नाथ महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष धनेश्वरी पटेल ने बताया कि उन्हें सायकट स्टेण्ड का ठेका नगर पालिका द्वारा 6 हजार रूपए में दिया गया है। जिस जमीन पर पार्किग है, वह निजी जमीन है उसे दो हजार रूपए किराये पर लिया गया है। उन्होने कहा कि दो और सायकल स्टेण्ड के ठेके दिए गए जो अगल-अलग दिशाओं में है। पटेल ने बताया कि उन्हें प्रतिदिन सभी खर्जा काट कर लगभग 8-से 10 हजार रूपए प्रतिदिन की कमाई हुई है। उन्होंने कहा कि सायकल और मोटर सायकल के 10 रूपए और कार जीप के 20 रूपए की दर से पार्किग चार्ज लिया गया था। लोगों ने बिना ना नुकुर के पार्किग की रसीदे कटाई।

समूह की सचिव तुलेशवरी चन्द्राकर ने जानकारी दी कि वे मशरूम की भी खेती कर रही है । मशरूम उत्पादन घर में प्लास्टिक के पैकेट में लगाए जाते है। साल में तीन बार मशरूम बेच कर आमदनी कर रही है। अभी वर्तमान में जगह के हिसाब से 70 पैकेट लगाए गए। वर्तमान में इस समूह में 12 महिलाएं जुड़ी है। महिलाओं को सायकल स्टेण्ड का ठेका मिलने की वजह से पार्किग स्टेण्ड में किसी भी प्रकार का वाद-विवाद नजर नहीं आया है। यह मेला की खूबी रही ।

बता दें कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में लगभग 68071 महिला स्व-सहायता समूह गठित है। जिसके तहत लगभग 8 लाख से ज्यादा महिलाएं संगठित हुई है तथा इन समूहों के द्वारा लगभग 53 करोड़ रूपए की बचत की गयी है। प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूह द्वारा स्कूलों में मध्यान भोजन, आंगनबाड़ी पूरक पोषण, आहार कार्यक्रम, आंगनबाड़ी केन्द्रों के हितग्राहियों के लिए रेडी-टू-ईट एवं सार्जनिलक प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकान के संचालन के साथ-साथ विभिन्न कार्यो को सफलता के साथ संचालित कर रही है।

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