Movie Review: कॉमेडी-हॉरर का परफेक्ट कॉकटेल है ऋद्धा कपूर की ‘स्त्री’

यह सिर्फ पुरुषों पर वार करती है. जैसे ही मर्द इसके वश में आते हैं, वैसे ही यह उन पर टूट पड़ती है

नई दिल्ली: ‘स्त्री’ मूवी रिव्यूः हॉरर-कॉमेडी फिल्मों के बारे में हमेशा मेरी अलग राय रही है. कॉमेडी की वजह से हॉरर का तड़का फीखा पड़ जाता है, लेकिन स्त्री (Stree) में दोनों का स्वाद बराबर आपको चखने को मिलेगा. ‘स्त्री’ की कहानी चंदेरी शहर की है जहां चार दिन की माता पूजन के दौरान स्त्री नाम की चुड़ैल का खौफ पूरा शहर खाता है.

यह सिर्फ पुरुषों पर वार करती है. जैसे ही मर्द इसके वश में आते हैं, वैसे ही यह उन पर टूट पड़ती है. और उनके सिर्फ कपड़े छोड़, यानी नंगा कर दबोच ले जाती है. इसके खौफ से मर्द साड़ी पहन शहर में घूमने पर मजबूर हो जाते हैं. आखिर यह स्त्री सिर्फ पुरुषों पर ही क्यों वार करती है, क्या है इसकी कहानी, यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी.

राजकुमार राव जब भी स्क्रीन पर आते हैं तो वह अपनी अदायगी से सारी लाइमलाइट बटोर ले जाते हैं. स्त्री के जरिए उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह हर रोल में अव्वल हैं. उनकी कॉमेडी टाइमिंग से लेकर खौफ खाने का अंदाज आपको भा जाएगा.

राजकुमार राव ने फिल्म में एक दर्जी की भूमिका अदा की है, उनकी एक्टिंग आपको अपना दीवाना बना लेगी. अपारशक्ति खुराना, अभिषेक बनर्जी, पंकज त्रिपाठी जैसे सपोर्टिंग स्टार्स ने बेहद सधी हुई भूमिका निभाई है, जो आपका दिल जीत लेगी. ऋद्धा कपूर ने भी अपने रोल के साथ न्याय किया है.

अमर कौशिक का निर्देशन कमाल का है, शुरू से आखिरी तक फिल्म आपको बांधे रखेगी. कहानी में नयापन है. इसके डायलॉग्स और कॉमिक पंच इतने शानदार है कि ढाई घंटे का वक्त चुटियों में निकल जाएगा. वैसे तो फिल्म फुलऑन एंटरटेनमेंट से भरपूर है, लेकिन क्लाइमैक्स में सुधार किया जा सकता था. जरूरी नहीं की फिल्म की एंडिंग सबको पसंद आए. फिल्म का म्यूजिक अच्छा है, लेकिन कोई भी गाना लंबे समय तक याद नहीं रखा जा सकता है.

राजकुमार राव की शानदार एक्टिंग, अनोखा कॉन्सेप्ट, बेहतरीन डायरेक्शन के चलते फिल्म देखी जा सकती है. स्त्री में कॉमेडी, सस्पेंस, हॉरर के साथ हर वो चीज है, जिसके लिए जेब ढीली की जा सकती है. <>

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