Movie Review: दो बहनों के रिश्तें को अनोखे अंदाज में बयां करती है ‘पटाखा’

फिल्म में सानिया और राधिका सगी बहनों के किरदार में हैं। सानिया बनी हैं ‘छुट्की’ और राधिका बनी हैं ‘बड़की’।

Pataakha Movie Review and Rating: राधिका मदान और सानिया मल्होत्रा की फिल्म पटाखा 28 सितंबर को सिनेमाघरों में आ चुकी है। विशाल भारद्वाज की इस फिल्म में आपको कॉमेडी का फुल डोज मिलेगा। फिल्म में सानिया और राधिका सगी बहनों के किरदार में हैं। सानिया बनी हैं छुट्की और राधिका बनी हैं बड़की। छुट्की और बड़की की आपस में कभी नहीं बनी। बड़की छुट्की हर दम लड़ती रहती हैं जैसे पिछले जन्म की दुश्मन हों। फिल्म में तो दोनों की तुलना ऐसे की हुई है जैसे एक ही मां की दो संतानें लेकिन भारत-पाकिस्तान जैसीं।

फिल्म में एक और किरदार है जो आपको बात-बात पर ठहाके लगाने को मजबूर करेगा। कॉमेडियन सुनील ग्रोवर फिल्म में छुट्की और बड़की को अक्सर सलाह देते नजर आते हैं। फिल्म की कहानी इन दोनों बहनों के इर्द-गुर्द घूमती है। बड़की और छुट्की दोनों ही एक दूसरे को बचपन से पसंद नहीं करतीं। घर में उनके अलावा बस पिता है जिसकी बात वह दोनों मानती हैं। दोनों बहनों में आए दिन खतरनाक झगड़े होते रहते हैं। गली मोहल्ले में भी वह एक दूसरे को मारती-पीटती दिखती हैं।

ऐसे में दोनों बहनों की जिंदगी में वह मोड़ आता है जब उन्हें प्यार हो जाता है। इस बीच बड़की-छुट्की की जिंदगी में भी उनके सपनों के राजकुमार आते हैं। वहीं उनके पिता एक बहन की शादी तय कर देते हैं। ऐसे में जिस बहन की शादी की तैयारियां हो रही होती है वह ही अपने प्रेमी के साथ घर से भाग जाती है। अब सारी जिम्मेदारी दूसरी बहन यानी छुट्की पर आ जाती है। ऐसे में जबरदस्ती उसकी शादी कराई जाती है।

छुट्की ये शादी नहीं करना चाहती, ऐसे में वह भी घर से अपने प्रेमी के साथ भाग जाती है। छुट्की और उसका प्रेमी रास्ते में ही ब्याह कर लेते हैं। ऐसे में बड़ा ट्विस्ट सामने आता है जब पता चलता है कि दोनों बहनों एक बार फिर से आमने सामने हैं। दोनों ही शादी कर के एक ही घर में ब्याह कर आ जाती हैं और बन जाती हैं एक दूसरे की देवरानी-जेठानी’।<>

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