Movie Review: फिल्म की ओपनिंग दमदार, रणवीर- आलिया की जोड़ी ने जीता दर्शकों का दिल

फिल्मी पर्दे पर स्ट्रीट रैपर्स के संघर्ष की कहानी लेकर आई हैं. फिल्म के जरिए रणवीर सिंह ने अपना सपना जिया है

डायरेक्टर जोया अख्तर इस बार फिल्मी पर्दे पर स्ट्रीट रैपर्स के संघर्ष की कहानी लेकर आई हैं. फिल्म के जरिए रणवीर सिंह ने अपना सपना जिया है.

बतौर रैपर उन्होंने अपना टैलेंट एक और दुनिया को दिखाया है. मगर रैप कल्चर पर फोकस करती गली बॉय ‘हार्ड’ नहीं बन पाई है. एक्टिंग जोन में तो रणवीर का ‘टाइम’ पहले से आया हुआ है. लेकिन रैप वर्ल्ड में जरूर उनका ‘टाइम आ गया’ है. चलिए जानते हैं कैसी बनी है ये फिल्म.

कहानी

गली बॉय मुंबई के धारावी में रहने वाले मुराद (रणवीर सिंह) की कहानी है. जो गरीबी से ऊपर उठकर कुछ बड़ा करने का सपना देखता है. लेकिन क्या ये नहीं जानता. अपने दर्द और लफ्जों को वो अक्सर नोटबुक में लिखता है.

सफीना (आलिया भट्ट) मुराद की गर्लफ्रेंड है. जो अच्छे खानदान से ताल्लुक रखती है. दोनों के स्टेट्स में जमीन-आसमान का फर्क है, इसलिए उनका रोमांस चोरी छिपे चलता है.

इस बीच मुराद के पिता शाकिर (विजय राज) दूसरा निकाह करते हैं. दूसरी अम्मी के आने के बाद अपनी मां की दयनीय हालत देखकर मुराद दुखी रहता है. वो पिता से डरता है और उनकी हर बात को सिर झुकाकर मानता है.

मुराद की जिंदगी में यूटर्न मशहूर रैपर एमसी शेर (सिद्धांत चतुर्वेदी) की एंट्री होने के बाद होती है. एमसी शेर मशहूर रैपर है. मुराद भी एमसी शेर की तरह बनना चाहता है. वे उससे रैप की ट्रेनिंग लेता है.

इस बीच पिता के बीमार होने की वजह से मुराद को घर की जिम्मेदारी उठानी पड़ती है. वो पिता की जगह ड्राइवरी का काम करता है. म्यूजिक प्रोग्रामर स्काई (कल्कि कोचलिन) मुराद और एमसी शेर को गाने का ऑफर देती है. ये गाना सनसनी मचा देता है.

तब मुराद के गली बॉय बनने का सफर शुरू होता है. लेकिन मुराद के पिता रैप के खिलाफ होते हैं. नौकरी और रैप प्रैक्टिस के बीच फिर कैसे उसकी जिंदगी करवट लेती है. कैसे मुराद अपने रैपर बनने का सपना पूरा करता है, ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

एक्टिंग

ट्रेलर देखकर लगा था कि गली बॉय की कहानी में सिर्फ रणवीर ही छाए रहेंगे. लेकिन ऐसा कहना गलत होगा. मूवी में आलिया भटट् और सिद्धांत चतुर्वेदी को भी बराबर स्पेस मिला है. कई सीन्स में आलिया और सिद्धांत, रणवीर पर भारी पड़े हैं.

रणवीर का करेक्टर ज्यादातर डरा और सहमा दिखा है, जो अपने पिता के सामने जुबां नहीं खोलता है. ये भी वजह है कि रणवीर का रोल आलिया-सिद्धांत से दबता नजर आया. सिद्धांत मूवी का सरप्राइज फैक्टर हैं.

उन्होंने उम्दा काम किया है. रैपर के स्वैग, एटिट्यूड, बॉडी लैंग्वेज और एक्सप्रेशन को उन्होंने बखूबी पकड़ा है. सिद्धांत-आलिया जब जब स्क्रीन पर आते हैं छा जाते हैं.

अलहड़, बोल्ड, एग्रेसिव और हठेली लड़की के रोल में आलिया ने दमदार अभिनय किया है. खड़ूस पिता की भूमिका में विजय राज जमे हैं. कल्कि कोचलिन छोटी सी भूमिका में ठीक ठाक लगी हैं.

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