छत्तीसगढ़राजनीति

सांसद सरोज पाण्डेय ने सदन के मानसून सत्र में महामारी (संशोधन) विधेयक-2020 के समर्थन में अपने विचार व्यक्त किए

काल में स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं को क्षति से बचाने के लिए जो प्रावधान किए गए हैं,वे निम्न हैं-

रायपुर। राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय महासचिव भाजपा सरोज पाण्डेय ने शनिवार को सदन के मानसून सत्र में महामारी (संशोधन) विधेयक-2020 के समर्थन में अपने विचार व्यक्त किए। सांसद पाण्डेय ने कहा कि आज पूरा देश कोरोना वायरस रूपी महामारी से जूझ रहा है। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की ओर से इस महामारी से लड़ने के लिए जो कदम उठाए गए हैं, इसके लिए सांसद पाण्डेय ने उन्हें साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस विधेयक में कोरोना वॉरियर्स की सुरक्षा के लिए और इस संक्रमण

काल में स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं को क्षति से बचाने के लिए जो प्रावधान किए गए हैं,वे निम्न हैं-

1-महामारी से लड़ने में जुटे हमारे कोरोना वॉरियर्स पर हमला करने और उनके कार्य में बाधा पहुंचने पर 3 माह से लेकर 5 साल तक की सजा हो सकती है और 50 हजार से लेकर 2 लाख तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

2-स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ हिंसा से यदि गंभीर क्षति पहुंचती है तो यह सजा 6 माह से लेकर 7 वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है और जुर्माना 1 लाख से 5 लाख तक हो सकता है।

उन्होंने कहा कि इस बिल में इन अपराधों को संज्ञेय और गैर जमानती बनाया गया है, ताकि आपरधिक तत्वों में कानून का भय व्याप्त रहे और हमारे इन स्वास्थ्यकर्मियों पर कोई भी हमला या दुर्व्यवहार करने का साहस न कर सकें। साथ ही असामाजिक तत्वों की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं के संस्थानों को नुकसान पहुंचाने पर दोषी व्यक्तियों से मुआवजा वसूलने का भी प्रावधान रखा गया है।

यह प्रावधान उन तत्वों को हतोत्साहित करेगा, जो शासकीय संपत्ति को नुकसान करना, अपना हक समझते थे। विभिन्न शासकीय और स्वास्थ्य संस्थानों को करोड़ों अरबों नुकसान पहुंचाते थे। कानून के न होने से बच जाते थे। अब इस कानून की मदद से ऐसे लोगों को अपने किए गुनाह का जुर्माना भरना पड़ेगा।

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