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मप्र आत्मनिर्भर भारत अभियान: 200 करोड़ रु. से कम के टेंडर अब ग्लोबल नहीं होंगे, प्रदेश की इकाइयों को देना होगा 50 फीसदी कामया जाएगा

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक-दो दिन में इसकी घोषणा कर सकते हैं

भोपाल. सरकार के विभिन्न विभागों की सलाह और सुझाव पर तैयार डाक्यूमेंट में कृषि, पशुपालन और उद्यानिकी पर जोर दिया गया है। साथ ही सरकारी खरीद के 200 करोड़ रुपए से कम के टेंडर अब ग्लोबल नहीं होंगे और 50% काम मप्र की इकाइयों को देना जरूरी किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी अपने निर्माण के कॉन्ट्रेक्ट में स्वदेशी कंपनियों को प्राथमिकता देगा। भोपाल-इंदौर के बीच औद्योगिक क्षेत्र डेवलप किया जाएगा ताकि दोनों शहरों के एयरपोर्ट का लाभ उद्योगों को मिल सके।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक-दो दिन में इसकी घोषणा कर सकते हैं। अटल बिहारी वाजपेयी स्कूल फॉर गुड गवर्नेंस द्वारा संकलित किए गए इस डॉक्यूमेंट में आत्मनिर्भर मप्र के सात पिलर बनाए गए हैं।

1. आधुनिक कृषि,
2. बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और कुशल मानव संसाधन,
3. सहज एवं सुविधाजनक लोक सेवाएं,
4. बढ़ते रोजगार एवं टिकाऊ आजीविकाएं,
5. सुनियोजित ग्राम एवं नगर,
6, समावेशी विकास
7. आनंदमयी समाज। डॉक्यूमेंट में हर प्रकार के भवन निर्माण के लिए सेल्फ बिल्डिंग परमिशन और सेल्फ अप्रूवल की व्यवस्था लागू करने की भी बात की गई है।

यही नहीं आत्मनिर्भर कॉलोनी के लिए भूमि विकास नियमों में बदलाव किए जाएंगे और कॉलोनी के भीतर दैनिक जरूरतों को पूरा करने वाली दुकानों का प्रावधान जरूरी किया जाएगा।

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