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मप्र: सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा नेताओं का वीडियो और ऑडियो

कथित तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का बताया जा रहा

भोपाल:मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार 28 विधानसभा सीटों पर एक साथ उपचुनाव होने जा रहे हैं. ये उपचुनाव तय करेंगे कि 10 नवबंर को इनके परिणाम आने के बाद कौन सी पार्टी प्रदेश में सत्ता में रहेगी – सत्तारूढ़ भाजपा या मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस.

जिन 28 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें से 25 सीटें कांग्रेस विधायकों के इस्तीफा देकर भाजपा में आने से खाली हुए हैं, जबकि दो सीटें कांग्रेस के विधायकों के निधन से और एक सीट भाजपा विधायक के निधन से रिक्त है.

लेकिन वहीँ विधानसभा के उप-चुनाव में नेताओं के वीडियो और ऑडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं. अब नया ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे कथित तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का बताया जा रहा है.

वायरल हो रहे ऑडियो में कथित तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और ग्वालियर से सपा के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे रोशन मिर्जा से बातचीत का है. इसमें मिर्जा के चुनाव लड़ने का फायदा बीजेपी को होने की बात पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा कही जा रही है. साथ ही दिग्विजय सिंह की ओर से मिर्जा को यह भरोसा दिलाया जा रहा है कि उम्मीदवारी वापस ले लें तो कांग्रेस पार्टी उनका सहयोग करेगी.

रोशन मिर्जा ग्वालियर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हैं. बातचीत का यह वायरल ऑडियो समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेताओं तक भेजा गया है, इसके अलावा पार्टी इस बात पर मंथन कर रही है कि आगे किस तरह के कदम बढ़ाए जाएं. हो सकता है कि सपा इस ऑडियो को लेकर चुनाव आयोग भी जाए.

दिग्विजय पर कर्मचारियों को धमकाने का भी आरोप वहीं बीजेपी ने कांग्रेस पर कर्मचारियों को धमकाने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से की है. पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह द्वारा सरकारी अधिकारियों और चुनाव आयोग पर दबाव बनाकर शासकीय कार्य में बाधा पैदा करने की शिकायत की है.

साथ ही कांग्रेस नेताओं द्वारा सरकारी कर्मचारियों पर अपमानजनक टिप्पणी करने की शिकायत करते हुए कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के चुनाव प्रचार पर रोक लगाने की मांग भी की. बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा का कहना है कि कांग्रेस पार्टी को न न्यायालय पर भरोसा है, न चुनाव आयोग पर.

संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करना कांग्रेस की पुरानी आदत रही है. कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने जिस तरह से प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों को धमकाया है, जिस तरह से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी पर दबाव बनाने का प्रयास किया है, यह एक आपराधिक कृत्य है.

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