छत्तीसगढ़

MSW Student: अंग्रेजी में प्रश्नपत्र देखा तो उर्दू में किया विरोध

अंकित मिंज

बिलासपुर।

मास्टर ऑफ सोशल वर्क ;एमएसडब्लयू प्रथम सेमेस्टर के चतुर्थ पेपर में शुक्रवार को परीक्षार्थियों को केवल अंग्रेजी में प्रश्नपत्र मिला। परीक्षा हॉल में इसे देख परीक्षार्थी भड़क गए। परीक्षक से कहा कि नियमानुसार हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रश्न होना चाहिए। परीक्षार्थियों ने पेपर के बाद कुलपति के नाम परीक्षा नियंत्रक को उर्दू में ज्ञापन सौंपा।

जिसे देख वे भी अचंभित हुए। आश्वासन दिया कि मामले में 48 घंटे के भीतर छात्रहित में निर्णय होगा।
अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय से संबद्ध पीजी कॉलेजों में इन दिनों प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा चल रही है।

शुक्रवार को एमएसडब्लयू प्रथम सेमेस्टर का चतुर्थ पेपर वर्किंग विथ गु्रप थ्योरी एंड प्रेक्टिकल विषय की परीक्षा सुबह आठ से ग्यारह बजे तक थी। परीक्षा हॉल में परीक्षार्थियों को जब प्रश्नपत्र का वितरण किया गया तो उसमें सिर्फ अंग्रेजी भाषा में सवाल पूछे गए थे। परीक्षार्थियों ने इसका विरोध किया उनका कहना था कि एमएसडब्लयू की पढ़ाई हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होती है।

हर साल प्रश्नपत्र भी दोनों भाषाओं में प्रिंट होते थे। अचानक हिंदी को गायब करना समझ से परे हैं। परीक्षा खत्म होते है सभी परीक्षार्थियों ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों को सबक सिखाने उर्दू में ज्ञापन लेकर कुलपति प्रोण्जीडी शर्मा के कक्ष में पहुंचे। पता चला कि वे बाहर हैं। सीधे परीक्षा नियंत्रक डॉ.प्रवीण पांडेय के पास पहुंच गए। कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए गड़बड़ी को उजागर किया। डॉ.पांडेय पहले तो ज्ञापन देखकर चौंक गए। पहली बार उर्दू में समस्या का जिक्र किया गया है।

मौलवी ने सुनी समस्या

परीक्षार्थियों में किसी को भी उर्दू लिखना नहीं आता था। एनएसयूआइ के सदस्यों ने मदद करते हुए तालापारा स्थित एक मौलवी का पता बताया। सभी उनके पास समस्या लेकर पहुंच गए। उन्होंने बच्चों की परेशानी देखकर पूरी सहायता की। उर्दू में ज्ञापन बनाया। जिसे लेकर सभी विश्वविद्यालय पहुंचे। इस अवसर पर सोहराब खान, चंद्रशेखकर साहू. अभय पांडेय. हैदर. लोकेश. अनिल. धीरेंद्र प्रताप आदि शामिल थे।

बोनस नहीं तो उग्र आंदोलन

एनएसयूआइ के रंजीत सिंह ने परीक्षा में हो रही गड़बड़ी को लेकर खुलकर विरोध किया। परीक्षा नियंत्रक डॉ.पांडेय से कहा कि सेमेस्टर में तीन बार ऐसी गड़बड़ी हो चुकी है। अब बर्दाश्त के बाहर है। स्पष्ट कहा कि मामले में परीक्षार्थियों को बोनस अंक या जिम्मेदार पर कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसा नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है। जिसके समस्त जवाबदारी विवि प्रशासन की होगी।

एमएसडब्लयू की परीक्षा में अंग्रेजी में सवाल पूछे जाने की समस्या लेकर परीक्षार्थी व एनएसयूआइ के पदाधिकारी पहुंचे थे। उर्दू में ज्ञापन सौंपा है,जिसे मैं समझ नहीं पाया हूं। एक्सपर्ट की मदद लेंगे। कुलपति व रजिस्ट्रार अभी बाहर हैं। उनके आने के बाद अवगत करा दिया जाएगा। छात्रहित में निर्णय होगा।
डॉ.प्रवीण पांडेय, परीक्षा नियंत्रक.अटल बिहारी वाजपेयी विवि

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