MTNL, BSNL की बिजली न काटें राज्य सरकार : दूरसंचार विभाग

दूरसंचार विभाग की तरफ से राज्य के प्रमुख सचिवों को भेजा गया एक पत्र

नई दिल्ली: आगामी माह से शुरू हो रहे आम चुनावों के लिये महत्वपूर्ण सेवाएं दे रही बीएसएनएल(भारत संचार निगम लिमिटेड) और एमटीएनएल (महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड) को दी जा रही बिजली को न काटने दूरसंचार विभाग ने राज्य सरकारों से अनुरोध किया है।

एक अधिकारी ने पीटीआई भाषा से कहा, ”दूरसंचार विभाग की तरफ से एक पत्र राज्य के प्रमुख सचिवों को भेजा गया है। पत्र में उनसे एमटीएनएल और बीएसएनएल को मिलने वाली बिजली नहीं काटने का आग्रह किया गया है। इसका कारण कंपनियां चुनावों का प्रबंधन करने के लिये राज्य मशीनरी को महत्वपूर्ण सेवा उपलब्ध करा रही हैं।”

इस बारे में संपर्क किये जाने पर बीएसएनएल के चेयरमैन तथा प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने कहा, ”हमने बिजली कनेक्शन मद में कुल बकाये में से 90 प्रतिशत का भुगतान कर दिया है। अब करीब 250 करोड़ रुपये बचे हैं।

इसे अगले 15 से 20 दिनों में चुका दिया जाएगा। कुछ जगहों पर बिजली काटी गयी थी लेकिन उसे अब बहाल कर दिया गया है।” एमटीएनएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक पी के पुरवार ने कहा, ”एमटीएनएल के ऊपर कोई बिजली बिल बकाया नहीं है। फरवरी अंत तक के सभी भुगतान किये जा चुके हैं।”

बीएसएनएल और एमटीएनएल दोनों अपने कर्मचारियों को फरवरी महीने का वेतन नहीं दे पाये थे। सरकार ने फरवरी महीने का वेतन भुगतान के लिये नकदी संकट से जूझ रही एमटीएनएल को 171 करोड़ रुपये का लंबित बकाया जारी किया, जबकि बीएसएनएल ने आंतरिक संसाधनों से करीब 850 करोड़ रुपये बकाये वेतन का भुगतान किया।

दूरसंचार क्षेत्र में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की दोनों कंपनियों ने सरकार से वित्तीय समर्थन को लेकर संपर्क साधा है, लेकिन केंद्र ने इस बारे में अबतक कोई निर्णय नहीं किया है।

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