भारतीय अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती को मुकेश अंबानी ने बताया अस्थायी

‘फ्यूचर इनवेस्टमेंट इनिशिएटिव’ को संबोधित करते हुए अंबानी ने कहा

नई दिल्ली: सऊदी अरब के शहर रियाद में आयोजित सालाना निवेश मंच ‘फ्यूचर इनवेस्टमेंट इनिशिएटिव’ को संबोधित करते हुए अरबपति भारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी ने भारतीय अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती को अस्थायी बताया है.

उन्होने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती अस्थायी है और सरकार द्वारा हाल में उठाये गये कदमों से आने वाली तिमाहियों में इस रुख को पलटने में मदद मिलेगी। सऊदी अरब के वार्षिक निवेश फोरम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदमों का परिणाम अगली कुछ तिमाहियों में नजर आने लगेगा।

अगली तिमाहियों में बदलेंगे हालात

इस कार्यक्रम में मुकेश अंबानी सहित कई दिग्गज भारतीय कारोबारी भी शामिल हुए. मुकेश अंबानी ने मंगलवार को इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘हां, भारतीय अर्थव्यवस्था में थोड़ी सुस्ती जरूर है, लेकिन मेरा मानना है कि ये अस्थायी है. पिछले कुछ महीनों में जो सुधार उपाय किए गए हैं, उनका नतीजा दिखेगा और मुझे पूरा भरोसा है कि अगली तिमाहियों में हालात बदलेंगे.’

भारतीय अर्थव्यवस्था में थोड़ी सुस्ती

मुकेश अंबानी ने सम्मेलन में कहा, ‘मैं मानता हूं कि भारतीय अर्थव्यवस्था में थोड़ी सुस्ती रही है, लेकिन मेरा मत है कि यह सुस्ती अस्थायी है। बीते महीनों में इससे निपटने के लिए जो उपाय किये गए हैं, उनका परिणाम सामने आएगा और मुझे पुरी उम्मीद है कि आने वाले समय में स्थितियां बदलेगीं।’

अंबानी का कहना था कि भारत और सऊदी अरब दोनों देशों के पास इस वक्त ऐसा नेतृत्व है जिसका दुनिया में कोई जोड़ नहीं है। दोनों देशों के पास टेक्नोलॉजी और युवा वर्ग भी है, जिनके बूते आर्थिक विकास को गति दी जा सकती है।

भारतीय इकोनॉमी की रफ्तार कुछ धीमी

गौरतलब है कि पिछली पांच तिमाहियों के दौरान भारतीय इकोनॉमी की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है। इस वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान ग्रोथ रेट घटकर पांच परसेंट रह गई थी, जो 2013 के बाद सबसे कमजोर विकास दर थी। पिछले कुछ महीनों में भारत सरकार ने इकोनॉमी को गति देने के लिए कई कदम उठाए हैं।

अंबानी ने कहा कि भारत और सऊदी अरब दोनों देशों के पास आर्थिक वृद्धि को आगे बढ़ाने के लिये प्रौद्योगिकी, युवा आबादी और नेतृत्व सभी कुछ है। अंबानी सऊदी अरब की तेल कंपनी आरामको के साथ अपने तेल एवं रसायन कारोबार में 20 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने के लिये बातचीत कर रहे हैं।

गौरतलब है कि अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए हाल में केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार कई ऐलान करती रही हैं. कॉरपोरेट टैक्स में कटौती की गई है, कई तरह के सरचार्ज हटाए गए हैं. गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की हालत सुधारने की कोशिश की गई है. बैंकों को नई पूंजी दी जा रही है।

इस साल अगस्त में मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज ने यह घोषणा की है कि सऊदी अरब की दिग्गज सरकारी कंपनी अरामको उसके रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कारोबार में 20 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदेगी।

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