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यूं रिलायंस इंडस्ट्रीज को नई शक्ल देने में जुटे हैं मुकेश अंबानी

टेक से रिटेल तक तक हर क्षेत्र में बन रहा कंपनी का हस्तक्षेप

मुंबई।

इंडिया मोबाइल कांग्रेस को संबोधित करते हुए 25 अक्टूबर को मुकेश अंबानी ने जो बातें कहीं, वह किसी किसी कारोबारी जैसी नहीं थीं बल्कि तकनीक के प्रचारक जैसी थीं। उन्होंने भारत में 2020 में हर शख्स के पास 4G फोन होने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह दौर टेलिकॉम तकनीक की नई जनरेशन का है। उन्होंने नई दुनिया, नए भारत और न्यू कॉमर्स जैसी बातें की। इसके जरिए उन्होंने एक तरह से नए रिलायंस की भी बात की।

मुकेश अंबानी के मौजूदा विजन की बात की जाए तो 2020 तक मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस का मुख्य कारोबार टेक ही हो सकता है। फिलहाल रिफाइनर और पेट्रोकेम प्रड्यूसर का मुख्य रूप से कारोबार करने वाली कंपनी रिलायंस का स्वरूप काफी हद तक बदल जाएगा।

इससे एक सप्ताह पहले 18 अक्टूबर को रिलायंस के तिमाही जुलाई-सितंबर तिमाही नतीजे आए थे, जिसमें कंपनी के रेवेन्यू में बीते साल के मुकाबले 54.5 पर्सेंट और प्रॉफिट में 17.4 फीसदी का इजाफा दिखा। यदि इन नतीजों का बारीक विश्लेषण करें तो पता चलता है कि रिलायंस में एक बड़ा शिफ्ट चल रहा है।

ऐसा पहली बार हुआ है, जब रिलायंस के रिटेल, डिजिटल सर्विसेज और मीडिया बिजनस से 44,615 करोड़ रुपये का रेवेन्यू आया, जबकि मोटे मुनाफे वाले पेट्रोकेम बिजनस से 43,745 करोड़ रुपये का रेवेन्यू आया। इंडिट्रेड कैपिटल के चेयरमैन सुदीप बदोपाध्याय ने कहा, ‘निश्चित तौर पर यह एक बड़ा बदलाव है। लोग अब भी रिलायंस के रिफाइनिंग और पेट्रोकेम के बिजनस पर नजर रख रहे हैं। कुछ दिनों से ही रिलायंस के जियो की चर्चा होने लगी है। हालांकि अब भी एनालिस्ट कम्युनिटी के फोकस में रिलायंस का रिटेल कारोबार नहीं है।’

तिमाही नतीजों के ऐलान के साथ ही कंपनी ने केबल और इंटरनेट कंपनियों डेन और हैथवे के अधिग्रहण की भी घोषणा की। इसके अलावा यूएस बेस्ड पर्सनल ट्रांसपोर्टेशन कंपनी स्काईट्रान में भी निवेश किया है। इससे साफ है कि मुकेश अंबानी अगले दशक में कंपनी को कन्जयूमर प्ले और न्यू टेक्नॉलजी बेस्ड कंपनी बनाना चाहते हैं।

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