मुकेश अंबानी अमेजन-वॉलमार्ट-अलीबाबा को देंगे टक्कर, लाएंगे नई ई-कॉमर्स कंपनी

नई दिल्ली। करीब 3.81 लाख करोड़ रुपए की नेटवर्थ रखने वाले एशिया के सबसे अमीर कारोबरी मुकेश अंबानी आज 62 साल के हो गए हैं। पिछले साल जुलाई में मुकेश अंबानी ने चीन की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के फाउंडर जैक मा को नेटवर्थ के मामले में पीछे छोड़ दिया था। अगर एक्सपर्ट की माने तो अंबानी जियो के जरिए अमेजन और अलीबाबा दोनों को टक्कर दे सकते हैं। गुरुवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चौथे क्वार्टर के नतीजे आए, जिसमें आरआईएल का नेट प्रॉफिट 9.8% बढ़कर रिकॉर्ड 10,362 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इसमें जियो का 840 करोड़ रुपए का प्रॉफिट शामिल है।

खरीद रहे हैं छोटी कंपनी

सस्ते डाटा और मुफ्त कॉल वाली जियो के जरिये दूरसंचार क्षेत्र में तहलका मचाने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी ऑनलाइन शॉपिंग के क्षेत्र की दिग्गज अमेजन, अलीबाबा और फ्लिपकार्ट को टक्कर देने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए वह ई कॉमर्स को फायदा पहुंचाने वाली छोटी से छोटी कंपनियों को खरीद रहे हैं।

टेक्नोपार्क एडवाइजर्स के एमडी अरविंद सिंघल का कहना है कि पिछले एक डेढ़ साल में अमेजन 2.5 अरब डॉलर खर्च कर दो दर्जन से ज्यादा कंपनियों को खरीद चुके हैं या उनमें हिस्सेदारी ले ली है। इसमें आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस से लेकर ग्राहकों के खर्च, आदतों पर नजर रखने के लिए डाटा एनालिटिक्स से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं।

रिलायंस कर रहा है आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस में निवेश

रिलायंस ने पिछले हफ्ते सात अरब रुपये में हैप्टिक इन्फोटेक को खरीदा, जो आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस की मदद से ग्राहकों को मैसेजिंग सेवा प्रदान करती है। इससे पहले इंटरनेट ऑफ थिंग्स और 5जी की विशेषज्ञता वाली रेडिसिस से हाथ मिला चुकी है।

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट वक्त होल्डिंग्स के साथ खाना, ग्रोसरी और अन्य उत्पादों की आपूर्ति में आगे ग्रैब ए ग्रब को रिलायंस अपने साथ मिला चुकी है। ई कॉमर्स मार्केट प्लेस इन्फीबीम एवेन्यूज भी उससे जुड़ चुकी है। मार्गन स्टैनले के अनुसार, भारत का ई-कॉमर्स बाजार अभी 30 अरब डॉलर का है, जो अगले दस साल में 200 अरब डॉलर का हो जाएगा।

रिलांयस देगा वालमार्ट, अमेजन और अली बाबा को टक्कर

रिलायंस इन छोटी-छोटी कंपनियों और जियो के साथ मिलकर अमेजन के जेफ बिजोस और अली बाबा के जैक मा को भारत में कड़ी टक्कर दे सकते हैं। इसी साल जनवरी में ‘वाइब्रेंट गुजरात समिट’ में मुकेश अंबानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में कहा था, “रिलायंस रिटेल और रिलायंस जियो इन्फोकॉम मिलकर एक नया ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म लॉन्च करेंगे।”

रिलायंस रिटेल के देशभर में 10 हजार से ज्यादा स्टोर हैं। जियो के ग्राहकों की संख्या भी 30 करोड़ से ज्यादा है। ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जिस तरह से चीन में अलीबाबा को घरेलू कंपनी होने और सस्ती दरों पर अपनी सेवाएं और सामान बेचने का फायदा मिला, उसी तरह से भारत में भी रिलायंस को इसी तरह का फायदा मिल सकता है।

जैक मा ने ऐसे फैलाया कारोबार

जैक मा ने 1999 में छोटे दुकानदारों के साथ मिलकर एक चेन बनाई थी ताकि ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों को देश के किसी भी कोने में स्थानीय दुकानदारों या स्टोर से सामान मिल सके। माना जा रहा है कि अंबानी भी इसी तरह की योजना बना रहे हैं। अंबानी ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना चाहते हैं, जिससे ग्राहकों को 24 घंटे के अंदर सामान की डिलीवरी मिल सके और वे सामान से जुड़ी शिकायत ऑफलाइन ही कर सकें। अली बाबा अमेजन के बाद दूसरी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी है।

ये है बेजोस का तरीका

दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति और अमेजन के प्रमुख जेफ बेजोस ई-कॉमर्स बिजनेस को बढ़ाने के लिए अब तक 75 से ज्यादा कंपनियों में निवेश कर चुके हैं या उन्हें खरीद चुके हैं। अंबानी ने भी पिछले दो साल में 25 छोटी-छोटी कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदी है।

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