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मुंबई क्राइम टीम ने नकली नोट छापने वाले एक गैंग का किया भंडाफोड़

नोटों की फैक्ट्री लगाकर बड़े पैमाने पर नोट छापने का काम कर रहा था

मुंबई: नोटों की फैक्ट्री लगाकर बड़े पैमाने पर नकली नोट छापने का काम करने वाले गिरोह को मुंबई क्राइम टीम ने धर दबोचा है. इस गैंग का मुखिया दिन में नोट छापता और रात में नोटों की सप्लाई करता था, जिससे कि आसानी से नोट चलन में आ सकें.

मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 7 की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि ऐसा गैंग मुंबई और आसपास के इलाके में सक्रिय है. मुंबई क्राइम ब्रांच ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जो घर से नकली नोट छापकर मुंबई व आसपास के बाजारों में 100 के बदले 200 सौ रुपये देने का काम करते थे.

मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी अकबर पठान के मुताबिक, क्राइम ब्रांच यूनिट 7 की टीम को जानकारी मिली थी कि 26 जनवरी शहर में कुछ लोग नकली नोट की सप्लाई करने आने वाले हैं. जानकारी मिलने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने रंगे हाथों पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से दो लाख 80 हजार रुपये का नकली नोट बरामद किए.

घर में ही रखी थीं नकली नोट बनाने की मशीनें क्राइम ब्रांच यूनिट 7 की टीम ने दोनों के खिलाफ विक्रोली पुलिस थाने में मामला दर्ज कर जांच किया तो पता चला कि इस मामले में दो और लोग शामिल हैं, जो पालघर में रहते हैं.

क्राइम ब्रांच ने कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ये नाम हैं- अब्दुल्ला कल्लू खान, महेंद्र खांडसकर, फारुख चौधरी और अमीन शेख. इस गैंग का सरगना महेंद्र खांडसकर है, जिसने घर में ही नकली नोट बनाने की मशीनें रखी थीं. यह 100, 200, 500 और 2000 का नोट बनाता है और बाजार में चलता था.

पुलिस ने इसके घर से 32 लाख 54 हजार रुपये का नकली नोट बरामद किया है. साथ मे प्रिंटर स्केनर, इंक और कागजात भी बरामद किया गया है. डीसीपी अकबर पठान के मुताबिक, यह लोग बाजारों में 100 रुपये असली नोट के बदले 200 रुपये देते थे. इसके अलावा नकली नोटों का मार्केटिंग करने वालों को 10% का कमिशन मिलता था.

2-3 महीने पहले शुरू किया था यह काम इस मामले में पुलिस ने कुल 35 लाख 54 हजार रुपया बरामद किया गया है. इन लोगों ने दो से तीन महीने पहले नकली नोट छापने और बेचने का काम शुरू किया था.

पकड़े गए सभी आरोपी पालघर व आसपास के रहने वाले हैं. सभी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने 3 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. पुलिस यह जांच कर रही है कि इस गैंग से और कितने लोग जुड़े हुए थे.

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