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मुंबई: हादसे के दिन ही अपलोड हुआ था नए फुटओवर का टेंडर, अधिकारी ने बताया ‘संयोग’

मुंबई भगदड़ के बाद एलफिंस्टन स्टेशन से जुड़ी एक नई जानकारी सामने आई है। जिस दिन (29 सितंबर) फुटओवर ब्रिज पर हादसा हुआ उसी दिन एलफिंस्टन स्टेशन पर नया फुटओवर ब्रिज बनाने के लिए टेंडर की जानकारी ऑनलाइन डाली गई।

रेलवे के सीनियर अधिकारियों के मुताबिक, पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अपने कार्यकाल के दौरान ही नए ब्रिज के लिए 23 अप्रैल 2015 को मंजूरी दे दी थी। रेलवे के वित्त विभाग ने ब्रिज की कुल लागत इसी साल 22 अगस्त को तय की थी और फिर 29 सितंबर को टेंडर अपलोड किया गया। इसी दिन भगदड़ हुई जिसमें 22 लोगों की जान चली गई और 39 लोग जख्मी हो गए।

रेलवे अधिकारियों से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे केवल संयोग बताया। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर रवींद्र भाक्कर ने कहा कि टेंडर को बनाना, उसकी लागत देखना और उसको ऑनलाइन अपलोड करना एक प्रोसेस के तहत होता है। यह सिर्फ एक संयोग है कि टेंडर उसी दिन अपलोड हुआ जिस दिन यह हादसा हुआ। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण भी है।

वेस्टर्न रेलवे के अधिकारी ने बताया कि छोटी लागत वाले प्रोजेक्ट अक्सर किसी बड़े प्रोजेक्ट के चलते साइड कर दिए जाते हैं।

मुंबई एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन

एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर मची भगदड़ की वजह से 22 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। वहीं 39 लोग जख्मी हो गए थे। यह भगदड़ कथित तौर पर फैली अफवाह की वजह से मची थी कि ब्रिज या उसका एक हिस्सा टूट गया है। इसके बाद लोग एक दूसरे के ऊपर चढ़-चढ़कर भागने लगे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, सीने पर लगी चोट और दम घुटने की वजह से ज्यादातर लोगों की जान गई। एलफिंस्टन का फुटओवर ब्रिज 1972 में बना था। लेकिन 2017 आने तक भी इसको चौड़ा नहीं किया गया। अब रोजाना करीब एक लाख लोग इसका इस्तेमाल कर रहे थे।

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एलफिंस्टन स्टेशन
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