मुंबई: लगातार दूसरे दिन भारी बारिश से 180 उड़ानें रद्द, लोकल ट्रेन पर भी लगी ब्रेक

मुंबई: मुंबई में भारी बारिश के चलते मंगलवार (19 सितंबर) रात से मुंबई हवाईअड्डे पर करीब 180 उड़ानें रद्द कर दी गईं.

इसकी एक वजह यह भी है कि यहां का मुख्य रनवे बंद है क्योंकि स्पाइस जेट का एक विमान रनवे पर फिसल गया था और कीचड़ में जाकर फंस गया, जिस वजह से रनवे बाधित हुआ.

कीचड़ में फंसे विमान को अभी भी वहां से हटाया नहीं जा सका है इसलिए मुख्य रनवे पर संचालन शुरू नहीं हो पाया है.

हवाईअड्डे के सूत्रों के मुताबिक नोटेम (हवाईकर्मियों को नोटिस) कल शाम छह बजे तक बढ़ा दिया गया है. इसका मतलब यह है कि उड़ानें वैकल्पिक रनवे से ही संचालित होंगी जिसकी क्षमता सीमित है.

एक सूत्र ने बताया, ‘बीती रात से 183 उड़ानें रद्द की गई हैं, कई उड़ानों का मार्ग बदलकर उन्हें नजदीकी हवाईअड्डों की ओर मोड़ा गया है. रनवे पर फंसे विमान को हटाने का काम एयरइंडिया की मदद से बीते 22 घंटे से जारी है.’

हवाईअड्डे की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया कि बुधवार (21 सितंबर) शाम पांच बजे तक जेट एयरवेज की 63 उड़ानें, स्पाइसजेट की दो उड़ानें और गो एयर की एक उड़ान रद्द की गई.

आज सुबह 56 विमानों को अन्य हवाईअड्डों की ओर मोड़ा गया. मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के एक प्रवक्ता ने कहा कि विमान को हटाने का काम लगातार बारिश के कारण प्रभावित हो रहा है.

नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने ट्वीट किया, ‘एयर इंडिया का दल विमान को हवाईअड्डे के रनवे से हटाने के काम में मदद दे रहा है.

एयर इंडिया भारत की इकलौती ऐसी एयरलाइन जिसके पास इस किस्म की सुविधा है.’

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाद मुंबई हवाई अड्डा दूसरा सबसे व्यस्तम हवाई अड्डा है जहां से 930 उड़ानों का रोजाना संचालन होता है. हर घंटे औसतन 48 विमान उतरते हैं या उड़ान भरते हैं.

वहीं दूसरी ओर मुंबई और इसके उपनगरीय इलाकों में दूसरे दिन भी भारी बारिश हुई, जिसके चलते महानगरीय ट्रेनें विलंब से चल रही हैं और बड़ी तादाद में लोग घरों के अंदर ही रहने के लिए मजबूर हो गए.

हालांकि, इसमें किसी की मौत होने या संपत्ति को कोई बड़ा नुकसान पहुंचने की खबर नहीं है. पर, भारी बारिश के मद्देनजर मुंबई महानगर क्षेत्र में स्कूल एवं कॉलेज बंद करने के निर्देश दिए गए हैं.

उपनगरीय रेलवे का परिचालन प्रभावित होने के चलते मुंबई के डब्बावालों ने बुधवार (20 सितंबर) को अपनी सेवाएं स्थगित कर दी. वे लोग दफ्तरों में भोजन के करीब दो लाख डब्बे पहुंचाते हैं.

वृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘दक्षिण मुंबई, बोरीवली, कांदिवली, अंधेरी और भांडुप समेत महानगर के कई इलाकों में भारी बारिश हुई.

हालांकि, शहर के किसी भी हिस्से में किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है.’’

रोजाना करीब 70 लाख यात्रियों को यातायात की सुविधा मुहैया करने वाली शहर की उप नगरीय रेल प्रणाली भी प्रभावित हुई हैं.

ट्रेनें विलंब से चल रही हैं. निचले इलाकों में सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कोलाबा वेधशाला ने मंगलवार (19 सितंबर) सुबह साढ़े आठ बजे से रात साढ़े 11 बजे तक 225.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सांता क्रूज वेधाशाला ने इस दौरान 303.7 मिमी बारिश दर्ज की.

मुंबई पुलिस ने रात बारह बज कर तीन मिनट और शाम छह बज कर चार मिनट पर उच्च ज्वार की चेतावनी दी थी.

हालांकि, आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ अधिकारियों ने बताया कि उच्च ज्वार के चलते जल जमाव का प्रभाव दोपहर तक खत्म हो गया और कई इलाकों में धीरे – धीरे पानी घटने लगा.

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि और बारिश होने के पूर्वानुमान के बाद मछुआरों को गहरे समुद्र में नहीं उतरने की चेतावनी दी गई है.

मध्य रेलवे के मुख्य प्रवक्ता सुनील उदासी ने बताया कि कम दूरी की कुछ ट्रेनों को मंगलवार (19 सितंबर) को रद्द कर दिया गया.

उदासी ने कहा कि मंगलवार (19 सितंबर) रात 10 बजे तक मुख्य और हार्बर लाइनों पर हमारी सेवाओं में अंतराल ज्यादा रहा और जल जमाव वाले इलाकों में गति सीमित थी.

रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी हालात पर नजर रखे हुए हैं और रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) कर्मियों को स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाया गया है.

पूर्वी और पश्चिमी एक्सप्रेस राजमार्गों पर यातायात धीमी गति से चल रहा है.

 

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