छत्तीसगढ़

विधानसभा चुनाव : मुंगेली, तखतपुर,पंडरिया, लोरमी में बदलेंगे समीकरण, उम्मीदवारों की सांसें अटकीं

-मंत्री मोहले और दो संसदीय सचिवों का है निर्वाचन क्षेत्र

मनीष शर्मा

मुंगेली/तखतपुर/पंडरिया/ लोरमी।

नवंबर 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए टिकट पाने को लेकर दावेदारों के बीच भी घमासान मचा हुआ है।

वहीं कुछ ऐसे भी विधायक है जिनकी टिकट मुश्किल में नजर आ रही हैं, वे अपनी टिकट वापस मिलने की जुगत में है।
ऐसे विधायकों में लोरमी, पंडरिया, तखतपुर के दावेदार हैं।
प्रमुख राजनैतिक दलों में इस बार कांग्रेस अपने प्रत्याशियों के लिए काफी सजग दिख रही है,
तामझाम के बनिस्बत विधानसभा चुनाव में टिकट ना देकर जो जमीनी स्तर पर लोकप्रिय है उसे ही प्रत्याशी बनाने की फिराक में है।

मुंगेली में कांग्रेस का नया चेहरा होगा मोहले के सामने

मुंगेली विधानसभा के लिए अभी तक भले ही बीजेपी में अंदरूनी रूप से दावेदार तय होंगे
मगर मंत्री व विधायक पुन्नूलाल मोहले के सामने किसी के दावेदारी स्पष्ट ताल ठोक नजर नहीं आने के चलते उनका फिर से मुंगेली बीजेपी प्रत्याशी होना लगभग तय है।
ऐसे में मुंगेली विधानसभा में कांग्रेस कोई ऐसा चेहरा ढूंढ रही है जो मंत्री मोहले को शिकस्त देने में सफल हो।
वैसे कांग्रेस के भीतर मुंगेली विधानसभा से लगभग आधा दर्जन दावेदारों में कांग्रेस एक ऐसे नाम देख रही है
जो सभी परिस्थितियों में मोहले से निपटने सक्षम हो
जिसमें अभी इस विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी के चयन के लिए सभी स्तर की संभावना देख रही है।
भाजपा कांग्रेस के साथ जोगी कांग्रेस प्रत्याशियों के महीनों पूर्व से विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी घोषित होने के कारण
अपने पक्ष में मतदाताओं को रिझाने लगे है।
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित मुंगेली विधानसभा से दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियों से विधायक बनते रहे हैं
कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद कांग्रेस ने चुनाव जीता था
जिसमें कांग्रेस के चंद्रभान बारमते ने भाजपा के विक्रम मोहले को मात दी थी।
उसके बाद से अब तक लगातार भाजपा चुनाव जीत रही है।
मुंगेली विधानसभा में वहीं तीसरी पार्टी जोगी कांग्रेस भी पूरे दमखम से मैदान में है।
पार्टी के सुप्रीमो अजीत जोगी ने पूर्व विधायक और पिछले विधानसभा चुनाव के कांग्रेस प्रत्याशी
चंद्रभान बारमते को चुनावी दंगल में उतारने का फैसला किया है
पिछले विधानसभा चुनाव में काँग्रेस से चुनाव लड़े बारमते महज 1700 के करीब मामूली अंतर से चुनाव हार गए थे।
साफ स्वच्छ छवि के बारमते नि:संदेह इस चुनाव में कड़ी टक्कर दे सकते है।

पंडरिया में मोतीलाल चंद्रवंशी मुश्किल में, त्रिकोणीय मुकाबला

कवर्धा जिले के पंडरिया विधानसभा में इस बार वर्तमान विधायक मोतीलाल चंद्रवंशी की स्थिति डाँवाडोल दिख रही है।
बीजेपी को इस विधानसभा के लिए प्रत्याशी बदलना भी उचित लग रहा है
मगर कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों के उम्मीदवार तय नहीं हुए हैं।
वहीं तीसरे प्रमुख दल जोगी कांग्रेस के यहाँ से प्रबलतम दावेदार आनंद सिंह पूरे विधानसभा में अपनी पकड़ बनाने में लगे हैं।
ऐसे में यहा आज के परिवेश में कौन बाजी मार ले कहना संभव नहीं है।

लोरमी में धर्मजीत सिंह की दावेदारी कांग्रेस-भाजपा पर पड़ेगी भारी

लोरमी विधानसभा की ओर रुख किया जाए तो इस चुनाव में घमासान मचा हुआ है।
भाजपा और कांग्रेस में अभी तक प्रत्याशियों के ठिकाना नहीं है।
वहीं प्रदेश की राजनीति में अपना स्थायी नाम स्थापित कर चुके पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष धर्मजीत सिंह
वैसे तो इस विधानसभा में दो दशकों से सक्रिय हैं।

उनकी यहां किसी पार्टी के नेता से बढ़कर आमजनमानस के सर्वोपरि नेता के रूप में हो चुकी है
इस बार राज्य के कुछ विधानसभाओं मे अप्रत्याशित परिणाम आ जाने वाली सीट में
एक लोरमी विधानसभा मे जोगी कांग्रेस से धर्मजीत सिंह विजय श्री ले ले तो कोई अतिशयोक्ति नहीं।
वैसे जोगी कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में धर्मजीत सिंह विगत एक वर्षो से विधानसभा के हर गांव गली सतत संपर्क में हैं।
सीधे तौर पर कहा जाए तो त्रिकोणीय मुकाबला होता दिख रहा है।
वनांचल से भरपूर इस सामान्य सीट में सतनामी ओर आदिवासी मतदाताओं की संख्या भी बहुत अधिक है
जिसके चलते जातिगत समीकरण के चलते प्रत्याशी चयन में भी प्रभाव डालता है।

टिकट वितरण पर नजर डाले तो स्थानीय विधायक और संसदीय सचिव तोखन साहू ही विधानसभा चुनाव लड़ेंगे
या फिर पार्टी किसी अन्य को टिकिट देकर मैदान में उतारेगी इस बारे में कुछ भी कह पाना अभी संभव नहीं है।

मुश्किल में राजू, तखतपुर में हर्षिता पांडेय को विधानसभा चुनाव में मिल सकता है मौका

तखतपुर विधानसभा में इस बार वर्तमान विधायक राजू क्षत्रिय के टिकट खतरे में है।
ऐसे में यहां दूसरे दावेदार के रूप में पूर्व सांसद स्व.मनहरण लाल पांडेय की बेटी
वर्तमान में महिला आयोग के अध्यक्ष हर्षिता पांडेय को विधानसभा चुनाव में चांस मिल सकता है।

कांग्रेस में भी दावेदारों की लंबी फौज

तखतपुर में कांग्रेस से उम्मीदवारों की लंबी फौज है,
जिसमें पूर्व विधायक जगजीत सिंह मक्कड़,आशीष सिंह, जितेंद्र पाण्डेय दावेदार हैं।
यहां जोगी कांग्रेस प्रत्याशी संतोष कौशिक की विधानसभा में अच्छी पकड़ व सतत जनसंपर्क बना हुआ है ।
ऐसे हालात में तखतपुर विधानसभा में त्रिकोणीय मुकाबला होगा
जिसमें जीत का सेहरा किसके सिर होगा कहना मुश्किल है।
टिकट जिसे भी मिले और चुनाव नतीजे जो भी आए दावेदारों के बीच संघर्ष पूरी तरह जारी है।

ताज़ा हिंदी खबरों के साथ अपने आप को अपडेट रखिये.
और हमसे जुड़िये
फेसबुक और ट्विटर के ज़रिये

Summary
Review Date
Reviewed Item
विधानसभा चुनाव : मुंगेली, तखतपुर,पंडरिया, लोरमी में बदलेंगे समीकरण, उम्मीदवारों की सांसें अटकीं
Author Rating
51star1star1star1star1star
Tags
advt