मुंगेली नगर पालिका के वार्डों में पार्षद दावेदारी की राजनीति शुरू

मनीष शर्मा:

मुंगेली: अब आमजनमानस भले ही महापौर व अध्यक्ष को सीधे तौर पर चुनने से वंचित हो सकती है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान के बाद से सम्भावना यह आशंका जताई जा रही है कि छत्तीसगढ़ मे अप्रत्यक्ष प्रणाली से अध्यक्ष व महापौर का चुनाव हो सकता है। मुख्यमंत्री ने ये भी कहा है कि अप्रत्यक्ष प्रणाली में कोई खराबी नही है। पार्षद यदि महापौर व अध्यक्ष चुनेंगे तो बेहतर समन्वय से विकास होगा।

पार्षद उम्मीदवार चयन को लेकर आहटे

इसी तारतम्य में अब मुंगेली नगरीय निकाय चुनाव में नगर पालिका के सभी वार्डो में पार्षद उम्मीदवार चयन को लेकर आहटे सुनाई देने लगी हैं। इस बार के चुनाव में हर वार्ड से कई उम्मीदवार अपनी किश्मत आजमाने में लगे हैं। पार्टियों के बड़े नेता हर वार्ड में अपने चयनित उम्मीदवारों को चुनाव में उतारने की योजना बना रहे हैं। जिससे प्रत्येक वार्ड में चुनाव लड़ने वाले उमीदवारो की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिल सकता है।

यह भी बताना जरूरी होगा जिले के सभी विधानसभाओं में सत्तासीन पार्टी कांग्रेस के विधायक नही है जिससे भी यहाँ नगरीय निकाय में सरकार होने के बाद पार्षद, अध्यक्ष बनाने के लिए स्थानीय कांग्रेस संगठन के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होगी वरना सरकार में होने के बावजूद दूसरी पार्टी का आ जाने से बड़ी शर्मनाक स्थिति संगठन की होगी।

अब पार्टियों के बड़े नेता अलग अलग गुट बनाकर प्रत्येक वार्ड से कई उम्मीदवार खड़े कर पैनल बना रहे हैं। इस चुनाव में जितने वाले पार्षद का महत्वपूर्ण स्थान रहेगा और ऐसा माना जा रहा है कि यही अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। मुख्यमंत्री के बयान के बाद कुछ पार्टी के लोग मायूस दिखाई दे रहे हैं और कई लोगो ने इस फैसले का स्वागत किया है।

इस बार का चुनाव काफी घमासान होने के साथ गुटबाजी और रोमांच से परिपूर्ण हो सकता है। वार्डो की जनता आखिर किसको अपना बहुमूल्य मत देगी तथा पार्टियों के नेता अध्यक्ष बनने के लिए कैसे अपना गुना भाग लगाते हैं,ये तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन इस चुनाव में इतना तो तय है की चुनाव लड़ रहे पार्षदों की पांचो उंगली घी में हो सकती है।

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