मरार समाज ने कापुबहरा में बैठक करके लिया निर्णय, निर्दलीय प्रत्याशी होंगे बसंत पटेल

भाजपा के लिए मुसीबत बन सकता है मरार समाज

अरविंद :
कटघोरा :

कटघोरा से लगे ग्राम कापुबहरा के धर्मशाला में मरार समाज ने एक बैठक आहूत की है जिसमे मरार समाज के सभी पदाधिकारी औऱ प्रमुख लोग एकत्र हुए हैं। बैठक विधायक प्रत्याशी के चयन को लेकर बुलाई गई है अब मरार समाज निर्दलीय चुनाव लड़ेगा। समाज शुरू से ही भारतीय जनता पार्टी का समर्थक रहा है।

आपको बता दे कि मरार समाज ने विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा पार्टी से टिकट की मांग की गई थी और पार्टी यदि से टिकिट नही मिलती है तो समाज ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का किया निर्णय। मरार समाज ने जिलाध्यक्ष आत्माराम पटेल को विधायक प्रत्याशी बनाकर समाज की ओर से चुनाव लड़ने की तैयारी की थी।

जिलाध्यक्ष भी पूरी दमदारी से चुनाव लड़ने की सोच बनाकर आगे बढे, तब भाजपा के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखने लगी और पार्टी ने जिलाध्यक्ष को छ ग शाकम्भरी बोर्ड का सदस्य बनाने का निर्णय लिया।उसके बाद जिलाध्यक्ष ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया।जिलाध्यक्ष के चुनाव नही लड़ने से मरार समाज मे खासी नाराजगी बनी हुई है और मरार समाज के नाराज हो जाने से भाजपा को हो सकता है बड़ा नुकसान।

कटघोरा विधानसभा में मरार समाज के लगभग बीस से पच्चीस हज़ार वोट आते हैं जो कि शुरू से ही भाजपा समर्थक रहे हैं।

जिलाध्यक्ष ने कहा था कि समाज ने चुनाव लड़ने का फैसला लिया है और समाज ने मुझे विधायक प्रत्याशी बनाया है तो मैं चुनाव लड़ूंगा क्योंकि पहले समाज आता हैं और समाज से ही राजनीति हैं। इतनी बड़ी बड़ी बात बोलने वाले जिलाध्यक्ष शायद आज ये बात भूल गए हैं कि आज समाज को भूल कर जिलाध्यक्ष पार्टी के साथ खड़े हो गए हैं और राजनीति की भाषा बोल रहे।

जिलाध्यक्ष के इस प्रकार के बदलाव को लेकर समाज में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही। यहाँ बैठक में मरार समाज ने अहम फ़ैसला लेते हुए जिलाध्यक्ष को सारे सामाजिक पदों से मुक्त कर दिया और सिल्ली के बसंत पटेल को विधायक प्रत्याशी बनाकर निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए चुनावी मैदान मे उतारा है।

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