राष्ट्रीय

किसी स्‍थान के पूजनीय होने के लिए सिर्फ मूर्ति की जरूरत नहीं: सुप्रीम कोर्ट

इस अवधि में कोई कटौती नहीं की जाएगी और रोजाना सुनवाई होगी

नई दिल्‍ली:अयोध्या मामले में पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्षकार के वकील राजीव धवन से कहा था कि अगर आप बीच में छुट्टी लेना चाहें तो ले सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने धवन से कहा था कि अगर वह आराम करना चाहें तो किसी भी दिन अदालत को बता कर छुट्टी कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि सप्ताह में 5 दिन ही सुनवाई होगी. इस अवधि में कोई कटौती नहीं की जाएगी और रोजाना सुनवाई होगी.

वही आज सुनवाई के दौरान उन्‍होंने कहा कि 1949 में मूर्ति रखे जाने से पहले भी ये स्थान हिंदुओं के लिये पूजनीय था. हिंदू दर्शन करने जाते थे… किसी स्‍थान के पूजनीय होने के लिए सिर्फ मूर्ति की जरूरत नहीं है.

इस मामले में गंगा, गोवर्धन पर्वत का भी हम उदाहरण ले सकते हैं…अयोध्या मामले में 72 साल के गवाह हाशिम ने कहा था कि अयोध्या हिंदुओं के लिए पवित्र है जैसे मक्का मुसलमानों के लिए पवित्र है.

पिछली सुनवाई में रामलला की तरफ से पेश वकील परासरन ने कहा था कि हम ये नहीं कह रहे कि पूरी अयोध्या ज्यूरिस्ट परसन है और हम जन्मभूमि की बात कह रहे हैं. जस्टिस बोबड़े ने पूछा था कि क्या इस समय रघुवंश कुल में कोई इस दुनिया में मौजूद है. परासरण ने कहा था कि मुझे नहीं पता.

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