पाक वापसी को लेकर मुशर्रफ ने दिया चौंकाने वाला बयान

कराचीः पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ ने आज खुलासा करते हुए बताया कि वह पाकिस्तान लौटने वाले थे , लेकिन उच्चतम न्यायालय के गिरफ्तारी आदेश के बाद उन्हें अपनी योजना बदलने को विवश होना पड़ा। वर्ष 2016 से दुबई और लंदन में रह रहे 74 वर्षीय मुशर्रफ देश के उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय में कई मुकदमों का सामना कर रहे हैं। उन पर एक मामला देशद्रोह का भी है जो संविधान को पलटने के आरोप में दर्ज किया गया था।

SC ने दिए थे पाकिस्तान लौटने के आदेश : पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने इस महीने की शुरूआत में मुशर्रफ से कहा था कि यदि वह 25 जुलाई को होने वाले आम चुनाव में लडऩा चाहते हैं तो वह पाकिस्तान लौटें। पूर्व राष्ट्रपति ने वीडियो लिंक के जरिए संवाददाताओं से कहा कि अदालत में मेरी पेशी से पहले मुझे गिरफ्तार करने पर रोक ’’ के शीर्ष अदालत के फैसले ने ‘‘ लौटने की मेरी योजना पर पुन : सोचने को मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा , ‘‘ यदि मुझे अदालत में पेशी के बाद गिरफ्तार कर लिया जाता है तो मेरी वापसी का देश को कोई फायदा नहीं होगा।

वापसी के लिए करूंगा उचित समय का इंतजार : मुशर्रफ ने कहा‘ पूरी दुनिया जानती है कि मैं कायर नहीं हूं , लेकिन अब मैं वापसी के लिए उचित समय का इंतजार करूंगा। अधिकारियों द्वारा ‘ एग्जिट कंट्रोल लिस्ट ’ से उनका नाम हटाए जाने के बाद मुशर्रफ इलाज के लिए 18 मार्च 2016 को विदेश रवाना हो गए थे। उनके वकीलों का कहना है कि वह पार्किंसन बीमारी से पीड़ित हैं और विदेश में उनका अब भी उपचार चल रहा है। मुशर्रफ ने अपनी पार्टी आल पाकिस्तान मुस्लिम लीग के टिकट पर दो सीटों से नामांकन भरा था , लेकिन चुनाव अधिकारी द्वारा चित्राल एन ए -1 सीट से उनका नामांकन खारिज कर दिए जाने के बाद उन्होंने कराची की एन ए -247 सीट से भी तब खुद ही नामांकन वापस ले लिया जब उनसे चुनाव अधिकारी के समक्ष पेश होने को कहा गया।

13 जून को पाक SC ने लगाई थी फटकार : पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने गत 13 जून को मुशर्रफ को फटकार लगाते हुए कहा था कि वह 24 घंटे के भीतर पेश हों और उनके नामांकन पर फैसला अदालत के समक्ष उनकी पेशी पर निर्भर है। प्रधान न्यायाधीश साकिब निसार के हवाले से मीडिया ने कहा था यदि परवेज मुशर्रफ कमांडो हैं तो उन्हें देश लौटकर यह दिखाना चाहिए , बजाय नेताओं की तरह यह बहानेबाजी कर कि वह लौटेंगे। शीर्ष न्यायाधीश ने कहा था मुशर्रफ को सुरक्षा की जरूरत क्यों है , कोई कमांडो भयभीत कैसे हो सकता है ? मुशर्रफ ने कहा है कि उन्होंने कई बार मौत को चकमा दिया है और वह कभी नहीं डरे।न्यायाधीश ने यह भी कहा था उन्हें तब भी डर नहीं लगा जब उन्होंने देश पर कब्जा किया था।

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