मुसलमान सिर्फ वही मानेगा जो कुरान में है, कोई कानून हमारे लिए मान्य नहींः आजम खान

रामपुर।

उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। तीन तलाक बिल को लेकर चल रही बहस के बीच उन्होंने कहा है कि मुसलमानों के लिए कोई कानून मान्य नहीं है।

मुसलमान सिर्फ कुरान को मानता है। उन्होंने कहा कि जो कुरान में कहा गया है, मुसलमान वही मानेगा और कोई कानून नहीं।

आजम खान ने कहा, ‘जो मुसलमान हैं, जो कुरान को मानते हैं, हबीस को मानते हैं, वे जानते हैं कि तलाक का पूरा प्रसीजर कुरान में दिया गया है। हमारे लिए उस प्रसीजर के अलावा कोई कानून मान्य नहीं है। सिर्फ कुरान का कानून ही मुसलमानों के लिए मान्य है।’

‘मुसलमान कोई कानून नहींं मानता’

पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हमारे लिए सिर्फ कुरान का कानून है। उन्होंने कहा, ‘पूरी दुनिया में मुसलमानों के लिए सिर्फ और सिर्फ कुरान का कानून ही मान्य है। इसके अलावा मुसलमान कोई कानून नहीं मानता। ये हमारा मजहबी मामला है। मुसलमानों के लिए पर्सनल लॉ बोर्ड है। यह हमारा व्यक्तिगत मामला है कि मुसलमान कैसे शादी करेगा? कैसे तलाक लेगा?’

‘जिनके पतियों ने छोड़ा, उन्हें दिलाएं न्याय’

आजम ने कहा, ‘सरकार पहले उन महिलाओं को न्याय दिलाए जिन्हें उनके पतियों ने छोड़ दिया है। जो सड़कों पर घूम रही हैं। सरकार उन महिलाओं को न्याय दे जो गुजरात और अन्य जगह के दंगों की पीड़ित हैं।’

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