मुस्लिम महिलाओं को मस्जिदों में नमाज अदा करने मामले में सुनवाई आज

एक मुस्लिम कपल ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी याचिका

नई दिल्लीः केरल के सबरीमाला में मासिक धर्म से गुजरने वाली हिंदू महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटने के बाद मुस्लिम महिलाओं ने मस्जिदों में प्रवेश और नमाज अदा करने के लिए मुहिम छेड़ने के संकेत दिए. जिसके मद्देनजर आज सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई होनी है. जस्टिस एस ए बोबडे और जस्टिस अब्दुल नजीर की पीठ याचिका पर सुनवाई करेगी.

दरअसल, यासमीन जुबेर अहमद पीरजादे और जुबेर अहमद नजीर अहमद पीरजादे नाम के एक मुस्लिम कपल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और सेंट्रल वक्फ काउंसिल को इस बाबत जरूर दिशानिर्देश जारी करने की मांग की है.याचिका में इस परंपरा को असंवैधानिक और अवैध करार देने का आग्रह किया गया है.

याचिका में महिलाओं के प्रवेश औऱ नमाज अदा करने पर लगी रोक को भेदभावपूर्ण बताया गया है और कहा गया है कि इस रोक को असंवैधानिक करार दिया जाए क्योंकि यह रोक असंवैधानिक है और आर्टिकल 14, 15, 21, 25 और 29 के खिलाफ है.

आपको बता दें कि सुन्नी मस्जिदों में महिलाओं को प्रवेश कर नमाज अता करने पर रोक है. यह तब है जब मोहम्मद साहब के दौर में महिलाओं को मस्जिद में प्रवेश कर नमाज पढ़ने की इजाजत थी.देश में दिल्ली की जामा मस्जिद समेत कई मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश की तो अनुमति है.

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