मुजफ्फरपुर कांड: RJD के धरने में विपक्ष एकजुट

-राहुल बोले, BJP-RSS एकतरफ दूसरी तरफ पूरा हिंदुस्तान

नई दिल्ली:

मुजफ्फरपुर कांड पर बिहार की नीतीश सरकार के खिलाफ शनिवार को जंतर-मंतर पर समूचा विपक्ष एकजुट दिखाई दिया। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के धरने के समर्थन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, आप के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, लेफ्ट के नेता डी. राजा, सीताराम येचुरी, टीएमसी के दिनेश त्रिवेदी, शरद यादव, संजय सिंह, जीतनराम मांझी आदि के पहुंचने से यहां 2019 में बीजेपी के खिलाफ विपक्ष के ‘महागठबंधन’ की स्पष्ट तस्वीर दिखाई दी। राहुल गांधी के भाषण से यह और साफ हो गया।

राहुल एक तरफ मुजफ्फरपुर कांड को लेकर नीतीश सरकार पर निशाना साधा तो वहीं बीजेपी-आरएसएस पर भी हमले से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि एक तरफ बीजेपी और आरएसएस है तो दूसरी तरफ पूरा हिंदुस्तान खड़ा है। 2019 में विपक्षी एकता का संकेत देते हुए राहुल ने कहा कि यह आगे भी पूरे देश को दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में जो कुछ भी हुआ है वह किसी को भी अच्छा नहीं लगा।

बीजेपी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘देश में अजीब सा माहौल हो गया है। जो भी कमजोर, दबा हुआ है चाहे वह महिला हो, छोटा दुकानदार हो या दलित सबपर आक्रमण हो रहा है। हम देश के लोगों को बताना चाहते हैं कि हम देश के कमजोर लोगों के साथ खड़े हैं।’ राहुल ने आगे कहा कि अगर नीतीश जी को सचमुच में शर्म आ रही है तो जल्द से जल्द दोषियों को सजा दिलाई जाए।

-तेजस्वी का तंज- ‘चाचा जी जवाब दीजिए’

तेजस्वी ने कहा कि इस तरह की दरिंदगी से हमारा खून खौल रहा है। शेल्टर होम की बेसहारा बच्चियों के साथ शोषण होता रहा और सरकार फंड देती रही क्योंकि दोषियों की पकड़ ऊपर तक थी। तेजस्वी ने मांग की कि दोषियों को फांसी पर चढ़ाया जाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘चाचा जी (नीतीश कुमार) आपसे कुछ सवाल हैं जो देश की जनता पूछना चाहती है। आपने कल कहा कि आपको दुख हुआ लेकिन मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर का नाम एफआईआर में क्यों नहीं था।’

-गुनहगारों को बचाने का आरोप

तेजस्वी ने नीतीश पर गुनहगारों को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आरोपी ब्रजेश को अभी तक रिमांड पर नहीं लिया गया, मैं कहना चाहता हूं कि बिहार में सुशासन नहीं जंगलराज आ गया है। उन्होंने कहा कि हम ऐसी निकम्मी सरकार से इस्तीफा नहीं मांगेंगे, जनता सब देख रही है।

इससे पहले उन्होंने कहा कि बाल आयोग की रिपोर्ट सामने आने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब टाटा इंस्टि्यूट की रिपोर्ट सामने आई तब जाकर 2 महीने के बाद FIR दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि इसमें भी मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर का नाम नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया, ‘आरोपी ब्रजेश नीतीश जी का करीबी है।’ उन्होंने ब्रजेश ठाकुर को फांसी देने की मांग की।

-जानकारी देनेवाली बच्ची जिंदा है या नहीं, पता नहीं

तेजस्वी यादव ने कहा कि जिस बच्ची ने यह पूरी जानकारी दी थी उसे मधुबनी के किसी शेल्टर होम में शिफ्ट कर दिया गया है। शिफ्ट किए जाने के बाद उसकी कोई खबर नहीं है। हम नहीं जानते कि वह जीवित है या उसकी हत्या कर दी गई या वह लापता है। उन्होंने मांग की कि गवाह बच्चियों को दिल्ली लाकर उनकी सुरक्षा की जाए। उन्होंने आशंका जताई कि बच्चियों को बदला भी जा सकता है।

-केजरीवाल का सवाल, NGO को फंड कैसे मिलता रहा?

जंतर-मंतर पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीधेतौर पर बिहार सरकार और बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 40 बेटियों के साथ कई वर्षों से गलत काम किया जा रहा था। उनपर अमानवीय अत्याचार हो रहा था। दुख की बात यह है कि बिहार सरकार की नजर में यह बात पहले ही कई बार आई, उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

ऐसे NGO को फंड मिलते रहे। इससे साफ है गलत काम करनेवालों की पहुंच ऊपर तक और बड़े-बड़े लोगों से रिश्ते हैं। केजरीवाल ने मांग की कि मामले की 3 महीने में जांच कर दोषियों को फांसी की सजा दी जाए।

-एक निर्भया से गलत हुआ, यूपीए का सिंहासन डोल गया था

केजरीवाल ने कहा कि जिन पार्टियों के नेता दोषियों को बचाने की कोशिश में लगे हुए हैं, वे भी कम दोषी नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि एक निर्भया के साथ गलत काम हुआ था, यूपीए का सिंहासन डोल गया था। सरकार में बैठे लोगों को याद रखना चाहिए कि 40 निर्भया के साथ गलत काम हुआ है तो जनता 40 बार उनके सिंहासन को उखाड़ कर फेंक सकती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के लोग सोशल मीडिया और सड़कों पर महिलाओं के साथ गलत व्यवहार करते हैं। सोशल मीडिया पर पत्रकारों के खिलाफ भी गलत बातें कही जाती हैं। केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी के भीतर भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। क्या हम ऐसा ही देश बनाना चाहते हैं?

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