मुजफ्फरपुर रेप केस मामले का हुआ खुलासा, 34 लडकियां हुई थी यौन शोषण की शिकार

सीबीआई ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है.

बिहार : बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड में आंकड़े और भी ज्यादा भयावह हो गये हैं. बालिका गृह की 42 में से 34 बच्चियों से बलात्कार की बात सामने आई है.

इस मामले में मुख्य अभियुक्त ब्रजेश कुमार ठाकुर को गिरफ्तार किया जा चुका है. ठाकुर शहर के ताकतवर लोगों में से एक था. वहीं, सीबीआई ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है.

कुछ हफ्ते पहले तक इसी बालिका गृह में रह रहीं 42 लड़कियों का जब मेडिकल टेस्ट किया गया तो 29 के साथ रेप की बात सामने आई. बाद में पांच और लड़कियों के साथ रेप की पुष्टि हुई. कुल 44 लड़कियां यहां रह रही थीं. दो लड़कियों के बीमार होने के कारण उनकी जांच नहीं हो पाई थी.

आम आदमी पार्टी ने बिहार के मुजफ्फरपुर में एक बालिका गृह में 34 लडकियों के यौन शोषण के मामले में आरोपियों को सजा ए मौत की मांग की है. आप के सांसद और पार्टी के बिहार प्रभारी संजय सिंह ने मामले की सुनवाई छह महीने के भीतर पूरी किए जाने की मांग की.

बिहार के समाज कल्याण विभाग की ओर से अनाथ, बेसहारा, सड़क पर रहने वाले बच्चे एवं बाल मजदूरी अथवा मानव व्यापार से मुक्त कराये गये बच्चों के लिए विभिन्न जिलों में 06 से 18 आयु वर्ग के बालक

एवं बालिकाओं के लिए बाल गृह संचालित किए जाते हैं. इन बाल गृहों का संचालन राज्य सरकार द्वारा स्वयं तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से किया जाता है.

यौन उत्पीड़न मामले में बालिका गृह के संचालक ब्रजेश ठाकुर सहित कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनके नाम किरण कुमारी, मंजू देवी, इन्दू कुमारी, चन्दा देवी, नेहा कुमारी, हेमा मसीह, विकास कुमार एवं रवि कुमार रौशन हैं.

एक अन्य फरार दिलीप कुमार वर्मा की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं. बालिका गृह को 31 मई से बंद कर दिया गया है एवं संस्था को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया.

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