अंतर्राष्ट्रीय

म्यांमार रोहिंग्याओं की वापसी के लिए शर्तें तय करे: अमेरिका

अमेरिका चाहता है म्यांमार रोहिंग्या मुसलमानों की वापसी के लिए शर्तें तय करे, क्योंकि कुछ लोग इस मानवीय विपत्ति का इस्तेमाल धार्मिक आधार पर नफरत को बढ़ावा देने और हिंसा के लिए कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के शीर्ष अधिकारी के मुताबिक, यह मानवीय विपत्ति एवं सुरक्षा संबंधी चिंता का विषय है।

अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुदायों के लिए भी यह जरूरी है कि वे मानवीय विपत्ति के पीड़ितों का कष्ट कम करने और उनके बच्चों के लिए शिक्षा समेत सभी बुनियादी सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करें।

गौरतलब है कि म्यांमार के रखाइन प्रांत में सेना ने उग्रवादियों के खिलाफ अगस्त के आखिर में कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद हिंसा से बचने के लिए करीब छह लाख अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुस्लिम बांग्लादेश चले गए। म्यांमार जातीय समूह के रूप में रोहिंग्या मुसलमानों की पहचान स्वीकार नहीं करता। उसका कहना है कि वे देश में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी प्रवासी हैं।

इस बीच अमेरिकी सरकार ने 25 अगस्त के बाद से हिंसाग्रस्त रखाइन प्रांत को मदद देने एवं जीवन-रक्षक आपात सहायता के लिए रविवार को चार करोड़ डॉलर की मदद देने की घोषणा की। विदेश मंत्रालय ने कहा, 2017 के दौरान म्यांमार से विस्थापित लोगों और इस क्षेत्र की मदद के लिए करीब 10.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर की मानवीय सहायता दी गई है।

Summary
Review Date
Reviewed Item
अंतरराष्ट्रीय समुदायों
Author Rating
51star1star1star1star1star
Tags

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.