ईरान में फिर रहस्यमयी घटना, बुशेहर बंदरगाह पर सात जहाज़ों में लगी आग

स्थानीय मीडिया के अनुसार यह लकड़ी के जहाज़ हैं जिन्हें लेंज कहा जाता है

ईरान की सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी ईरान के बुशेहर बंदरगाह पर शिपयार्ड में कम से कम सात जहाज़ों में आग लग गई.

स्थानीय आपदा प्रबंधन संगठन के प्रमुख ने ईरना समाचार एजेंसी से कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है और किसी नुक़सान की अभी ख़बर नहीं है.

आग कैसे लगी यह अभी तक साफ़ नहीं है लेकिन इसने हाल के सप्ताह में ईरान में होने वाली रहस्यमयी घटनाओं में बढ़ोतरी की है.

इन रहस्यमयी घटनाओं के दौरान मिसाइल केंद्र, पावर प्लांट, मेडिकल क्लीनिक और परमाणु केंद्र में आग लगी थी.

इन घटनाओं के बाद ऐसा संदेह जताया जा रहा है कि ईरान में कुछ नष्ट किया जा रहा है.
2010 में वायरस के ज़रिए हमला

सोमवार को उत्तर-पूर्वी शहर मशहद के नज़दीक एक औद्योगिक केंद्र में आग लगी थी. अधिकारियों का कहना था कि छह गैस के टैंक में आग लगी थी जिसके कारण धमाका हुआ था.

उससे एक दिन पहले दक्षिण-पश्चिमी महशहर शहर में एक पेट्रोकेमिकल केंद्र पर आग लग गई थी इसको लेकर कहा गया था कि यह तेल लीक की वजह से हुआ था.

वहीं, शनिवार को राजधानी तेहरान के दमकल विभाग का कहना था कि एक इमारत के बेसमेंट में कई गैस सिलिंडर में धमाका हुआ था.

ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वो नतांज़ में यूरेनियम संवर्धन केंद्र पर 2 जुलाई और खोजिर मिसाइल उत्पादन केंद्र पर 26 जून को हुए धमाके के कारणों की जाँच कर रहे हैं कि कहीं इसमें विदेशी ताक़तों या घरेलू विपक्षी समूहों का तो हाथ नहीं था.

ऐसा माना जाता है कि 2010 में अमरीका और इसराइल के बनाए एक कंप्यूटर वायरस के कारण नतांज़ की मशीनरी पर हमला किया गया था.

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