महिला सात वर्ष के पुत्र के साथ रहस्यमय ढंग से लापता, भटक रहा पति

अंबिकापुर/रामानुजगंज ।

रिश्तेदार के यहां विवाह समारोह में शामिल होने गई महिला सात वर्ष के पुत्र के साथ रहस्यमय ढंग से लापता हो गई। छह माह से महिला का पति एक थाने से दूसरे थाने और एक शहर से दूसरे शहर की खाक छान रहा है, लेकिन अभी तक पत्नी व बेटे का कोई पता नहीं चल सका है।

मामला दो राज्यों की पुलिस से जुड़ा होने से प्रार्थी पक्ष को परेशानी भी उठानी पड़ रही है। मामला जिला मुख्यालय बलरामपुर और झारखंड के औरंगाबाद जिले के ग्राम रामनगर से जुड़ा हुआ है।

जानकारी के मुताबिक मूलत: ग्राम पिंडरा निवासी राकेश गुप्ता वर्तमान में बलरामपुर में निवास करता है। बलरामपुर में उसकी इलेक्ट्रानिक्स की दुकान है। बीते पांच मार्च को वह पत्नी पूजा गुप्ता, नौ वर्षीय पुत्री और सात वर्षीय पुत्र यशराज गुप्ता के साथ बिहार के रामनगर गया था।

यहां रिश्तेदारी में विवाह था। आठ मार्च को विवाह होने से बतौर व्यवसायी इतने दिनों तक दुकान बंद रखने से होने वाले नुकसान को समझकर अगले दिन छह मार्च को राकेश गुप्ता अपनी पुत्री को साथ लेकर बलरामपुर वापस लौट गया था। पत्नी व पुत्र रिश्तेदारी में विवाह समारोह में ही रूक गए थे।

आठ मार्च को विवाह संपन्न हो जाने के बाद रिश्तेदारों की वापसी होने लगी। नौ मार्च को राकेश गुप्ता को खबर मिली कि उसकी पत्नी पूजा गुप्ता, पुत्र यशराज गुप्ता के साथ रिश्तेदार की बेटी जो मूलत: नबीनगर की रहने वाली थी, रहस्यमय ढंग से लापता हो गए हैं। पत्नी व पुत्र के गायब हो जाने की खबर मिलते ही राकेश गुप्ता भी रामनगर औरंगाबाद पहुंच गए। काफी खोजबीन के बाद भी उन लोगों का कुछ पता नहीं चला।

इस मामले की रिपोर्ट औरंगाबाद के टंडवा थाने में भी दर्ज कराई गई है, लेकिन झारखंड पुलिस से अपेक्षित सहयोग अभी तक नहीं मिल सका है। पिछले छह माह से पति राकेश गुप्ता पत्नी और मासूम बेटे की खोजबीन को लेकर परेशान है। बलरामपुर पुलिस को भी उसने लिखित सूचना दी है, लेकिन पुलिस का कहना है कि मामला झारखंड के टंडवा थाने से जुड़ा हुआ है, इसलिए वहां की पुलिस ही इस मामले की छानबीन करेगी।

-परिजनों को अपहरण का शक

पूरे मामले में परिजनों को अपहरण का शक है। सुनियोजित तरीके से बिहार के बेतिया जिले के थाना शनिचरी गांव बकुचिफ के युवक पर अपहरण का आरोप लग रहा है। बताया गया कि युवक द्वारा कथित रूप से महिला के मोबाइल पर मिस्ड काल किया जाता था।
इससे शक है कि महिला संबंधित व्यक्ति के संपर्क में थी। पुलिस से की गई शिकायत में बताया गया है कि महिला के मोबाइल नंबर व संदिग्ध व्यक्ति के मोबाइल नंबर का टावर लोकेशन निकालने पर शुरू के कुछ दिन पटना और फिर दिल्ली बता रहा था। इस आधार पर पुलिस की एक टीम संबंधित स्थानों पर भी गई, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका।

संदिग्ध युवक द्वारा गुजरात की जिस कंपनी में कार्य किया जाता था, उस कंपनी की नौकरी भी उसने छोड़ दी है। पुलिस द्वारा संदिग्ध के परिजनों को हिरासत में भी लिया गया था, लेकिन कथित रूप से बढ़े दबाव से औरंगाबाद पुलिस को उन्हें छोड़ना पड़ा और अब किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

-टूट चुका पति, पांच लाख से अधिक का खर्च

पत्नी और सात वर्षीय पुत्र के रहस्यमय ढंग से लापता हो जाने से पति राकेश गुप्ता मानसिक व आर्थिक रूप से टूट चुका है। दो राज्यों की पुलिस के चक्कर में मामला उलझा हुआ है। राकेश गुप्ता का कहना है कि खोजबीन के नाम पर अभी तक उसका पांच से छह लाख रुपये भी खर्च हो चुका है।

उसकी पत्नी के साथ रिश्तेदार की जो बेटी गायब हुई थी, वह कथित रूप से शादी कर चुकी है। अपनी सगी बहन से मोबाइल पर उसकी संभवत: बातचीत भी होती है, लेकिन राकेश गुप्ता की पत्नी पूजा व पुत्र यशराज कहां हैं, यह अभी तक रहस्य बना हुआ है।

-नेताम ने केंद्रीय गृहमंत्री को लिखा पत्र

पत्नी व पुत्र के गायब हो जाने के बाद छह माह से परेशान राकेश गुप्ता ने अपनी आपबीती राज्यसभा सांसद व भाजपा अजजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविचार नेताम को सुनाई तो उन्होंने अपनी ओर से पहल करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को संपूर्ण घटनाक्रम से अवगत कराते हुए पत्र भी लिखा है।

श्री नेताम ने गायब महिला व उसके बेटे की खोजबीन में आवश्यक मदद करने केंद्रीय गृहमंत्री से आग्रह भी किया है। राकेश गुप्ता के अनुसार लापता महिला की ओर से औरंगाबाद पुलिस को एक झूठा हलफनामा भी भेजा है,जिसमें बच्चों की संख्या और विवाह की तारीख, बच्चों की जन्मतिथि का गलत उल्लेख किया गया है।

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